अंतिम संस्कार की ये प्रथाएं हैं बेहद खतरनाक!
तिब्बत में भी अंतिम संस्कार को लेकर एक अनोखी परंपरा है. इस परंपरा के तहत मृत्यु के बाद मरने वाले व्यक्ति की लाश को खुले में काटकर पक्षियों के खाने के लिए छोड़ दिया जाता है.
इंडोनेशिया के तोराजा गांव के लोग अपने परिजनों की लाशों को दफानाते या जलाते नहीं हैं बल्कि उनकी लाशों को किसी खास जगह पर ताबूत में डालकर छोड़ देते हैं और खास मौकों पर लाशों को निकाला जाता है और उन्हें नए कपड़े पहनाए जाते हैं. तोराजा गांव के लोग अपने मृतकों के शरीरों के साथ जिंदा लोगों की तरह पेश आते हैं.
अमेजन के जंगलों में रहने वाले यानोमामी आदिवासियों की संस्कृति और रीति रिवाज दुनिया की अन्य मान्यताओं से बिल्कुल अलग है. यानोमामी आदिवासियों के बीच अंतिम संस्कार को लेकर बिल्कुल ही अलग मान्यता है. यानोमामी आदिवासियों में मरने के बाद होने वाली अंतिम संस्कार की परम्परा में मरे हुए व्यक्ति की लाश को कीड़े मकोड़ों के खाने के लिए छोड़ दिया जाता है. और 40 से 50 दिनों के बाद उस लाश को निकालकर खाया जाता है. यानोमामी आदिवासियों का मानना है कि ऐसा करने से उनके परिजनों की आत्मा को स्वर्ग मिलता है.
विश्व के अलग-अलग देशों में कई तरह के रीति रिवाज देखने को मिलते हैं. आज हम आपको बताने जा रहे हैं विश्व के 4 ऐसे अंतिम संस्कारों के बारे में जिन्हें जान आप भी हैरान रह जाएंगे. आगे की स्लाइड्स में जानें क्या है पूरा मामला...!
ताइवन में अंतिम संस्कार के समय डांसर्स को बुलाया जाता है यहां के लोगों का विश्वास है कि ऐसा करने से मरने वाले की आत्मा को शांति मिलती है.