भारतीय क्रिकेट के पूर्व स्पिनर आर आश्विन ने हाल ही में वैभव सूर्यवंशी को लेकर एक टिप्पणी कि है, जिसके बाद वे सवालों के घेरे में आ गए. अब उन्होंने इसपर सफाई देते हुए एक बयान दिया है. पहले उन्होंने कहा था कि वैभव सूर्यवंशी अगर नहीं खेल रहे हैं तो उन्हें टीम के अपने साथियों को ड्रिंक परोसना चाहिए. अब उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए यह स्पष्ट किया कि यह टिप्पणी अपमानजनक तरीके से नहीं की गई थी, और उनका मतलब केवल यह था कि 15 वर्षीय खिलाड़ी के लिए बेंच पर कुछ समय बिताना सीखने के लिए अच्छा अनुभव होगा. भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के दौरान पदार्पण किया और यहां तक कि जिम्बाब्वे के खिलाफ दो अर्धशतक भी जड़े. उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, 'मैंने पहले कहा था कि वैभव सूर्यवंशी 'समय बिता सकते हैं, किसी को ड्रिंक परोस सकते हैं, बाहर बैठ सकते हैं. यह अपमानजनक तरीके से नहीं था.'

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आश्विन ने आगे कहा, 'मैं कह रहा था कि उसे सीखने के लिए बहुत कुछ मिलेगा. उसके पास इतनी बड़ी सीखने की प्रक्रिया है कि अगर वह बाहर बैठकर इसे देखे, तो वह और भी बेहतर बन जाएगा. ड्रॉप करने या लेने की बात मत करो उसे रहने दो, उसे विकसित होने दो. वह वाकई में अद्भुत खिलाड़ी बनेगा. 'वैभव सूर्यवंशी का इंग्लैंड दौरा बेहद खराब रहा. वहां पर जोफर आर्चर ने उन्हें काफी परेशान भी किया. वहीं इंग्लैंड दौरे पर सूर्यवंशी तेज गेंदबाज की छोटी गेंदों को ज्यादा देर नहीं झेल पाएं और पवेलियन लौट गए, लेकिन जिम्बाब्वे दौरा पर वे फॉर्म में नजर आए.

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अश्विन ने यह बताया कि मुकाबले के दौरान ज्यादातर गेंदबाज सूर्यवंशी को परेशान करने में असफल रहे और साथ ही उन्होंने कहा कि लोग 'उनकी विदाई की भविष्यवाणी' नहीं कर सकते.  आश्विन ने वैभव के करियर के ऊपर बात करते हुए कहा 'आपके हिसाब से शॉर्ट बॉल के खिलाफ सबसे मजबूत बल्लेबाज कौन है? रिकी पोंटिंग? क्या वह कभी शॉर्ट बॉल पर आउट नहीं हुए? वह भी आउट हुए थे. तो हमें यह समझना होगा कि हर किसी की अपनी खूबियां और कमियां होती हैं. इंटरनेशनल क्रिकेट में ये बातें आम हैं. सीधी सी बात है अपनी खूबियां दिखाओ, अपनी कमियां छिपाओ और पर्दे के पीछे उन पर काम करते रहो. ये सारे सवाल... ट्रेंट ब्रिज पर उन्होंने जोफ्रा आर्चर के खिलाफ कितनी बार खेला? ये सब अनुभव हैं. हम तुरंत उनके करियर के खत्म होने की बात नहीं कर सकते. किसी को बस ऐसे ही खारिज नहीं किया जा सकता.'

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उन्होंने आगे कहा, 'वह अभी छोटा बच्चा है. समस्या यह है कि हम उन्हें बहुत ऊंचा दर्जा देते हैं. IPL में उनके शानदार प्रदर्शन की वजह से उम्मीदें बहुत बढ़ गई हैं. हम चाहते हैं कि वे हर मैच में विराट कोहली या रोहित शर्मा की तरह खेलें और लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे. असल में ऐसा नहीं होता. जिंदगी में उतार-चढ़ाव आते ही हैं, और क्रिकेट में भी ऐसा ही होता है.'

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