टीम इंडिया में नहीं हुआ चयन तो ठोक दिया दोहरा शतक!
तब से लेकर श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया और अब न्यूज़ीलैंड सीरीज़ में भी उन्हें टीम में जगह नहीं मिली.
उन्होंने देश के लिए आखिरी वनडे मुकाबला इसी साल जुलाई महीने में वेस्टइंडीज़ के खिलाफ खेला था.
रविन्द्र जडेजा भी अश्विन की तरह ही श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ के बाद से ही टीम से बाहर चल रहे हैं.
सौराष्ट्र के लिए खेलते हुए जडेजा ने ये वां 200 से अधिक का स्कोर बनाया. उनके शतक की मदद से सौराष्ट्र और जम्मू कश्मी के बीच जारी मुकाबले में सौराष्ट्र ने पहली पारी में दूसरे दिन लंच तक 563/7 बना लिए हैं.
लेकिन टीम चयन के बाद रविन्द्र जडेजा ने अपने बल्ले का जादू जारी रखते हुए शानदार दोहरा शतक जमाकर चयनकर्ताओं को ये बता दिया कि आखिर अभी भी गेंद के साथ-साथ उनके बल्ले में भी दम है.
बीते दिन भारतीय चयनकर्ताओं ने न्यूज़ीलैंड के खिलाफ 3 मैचों की वनडे सीरीज़ के लिए 15 सदस्यीय टीम का ऐलान किया. जिसमें एक बार फिर टीम इंडिया के टेस्ट के सितारें और कुछ समय पहले तक वनडे टीम का अहम हिस्सा रहे अश्विन-जडेजा को जगह नहीं मिली.
एमएसके प्रसाद ने शुरू में कहा था कि सीनियर गेंदबाजों को श्रीलंका के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज के दौरान आराम दिया गया था लेकिन आस्ट्रेलिया और अब न्यूजीलैंड के खिलाफ भी उनकी अनदेखी होना संकेत हैं कि जहां तक सीमित ओवरों के क्रिकेट का संबंध है, वे धीरे धीरे उनकी पसंद के दायरे से बाहर हो रहे हैं.
रणजी ट्राफी में खेल रहे रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा की चयनकर्ताओं ने लगातार तीसरी बार अनदेखी की और उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिये युवा खिलाड़ियों के साथ बरकरार रहने का फैसला किया.