विंबलडन की पूर्व चैंपियन Marketa Vondrousova को सोमवार को 4 साल के लिए सस्पेंड कर दिया गया. उन्होंने एंटी-डोपिंग टेस्ट से मना कर दिया था, जिसके बाद उनके खिलाफ एक्शन लिया गया. बता दें कि चेक गणराज्य की मार्केटा वोंद्रोसोवा ने साल 2023 में विंबलडन जीता था. उन्होंने पिछले साल दिसंबर में कम्पटीशन के बाहर अपने घर पर डोपिंग कंट्रोल ऑफिसर के कहने पर भी अपना सैंपल नहीं दिया था.

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मार्केटा वोंद्रोसोवा ने कहा कि तनाव और खराब मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता ने उनके फैसले को प्रभावित किया. 

ट्रिब्यूनल ने वोंद्रोसोवा के दावों और टेस्ट करने की कोशिश करने वाले डोपिंग कंट्रोल ऑफिसर के बयान पर विचार किया. ट्रिब्यूनल इस निष्कर्ष पर पहुंची कि पेश किए गए सबूतों में खिलाड़ी के टेस्ट से इनकार करने का कोई ठोस कारण नहीं था.

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इंटरनेशनल टेनिस इंटीग्रिटी एजेंसी की सीईओ करेन मूरहाउस ने कहा, "हम मानते हैं कि टेस्टिंग की प्रक्रिया असहज होती है, और यह उन खिलाड़ियों के लिए एक अतिरिक्त बोझ है जो पहले से ही दबाव वाले काम में रहते हैं और ज्यादा जांच-पड़ताल होती है, लेकिन निष्पक्ष कॉम्पिटिशन की सुरक्षा के लिए यह अनिवार्य है.

उन्होंने आगे कहा, "खिलाड़ियों और हमारे टेस्टर्स की सुरक्षा और भलाई हमारे लिए महत्वपूर्ण है. हमारे टेस्टर्स प्रशिक्षित और प्रोफेशनल हैं. वे हमेशा अपना आईडी अपने साथ रखते हैं. इसके बाद भी अगर किसी खिलाड़ी को संदेह हो तो अन्य तरीके भी हैं, जिससे वह उनकी पहचान की पुष्टि कर सकते हैं."

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जून, 2030 को खत्म होगा सस्पेंशन

मार्केटा वोंद्रोसोवा का सस्पेंशन 21 जून, 2030 को खत्म होगा. इस दौरान वह ITF, WTA, ATP, ग्रैंड स्लैम या किसी राष्ट्रीय संघ द्वारा आयोजित या स्वीकृत किसी भी इवेंट में नहीं खेल सकेंगी. वह कोचिंग या उसमें शामिल भी नहीं हो पाएंगी.