भारतीय क्रिकेट में अजीत अगरकर के नाम पर बवाल मचा हुआ है. हाल ही में हुई BCCI की सालाना बैठक में अगरकर के भविष्य पर कोई फैसला नहीं लिया जा सका था. इसी बीच अजीत अगरकर ने चीफ सेलेक्टर पद छोड़ने की मंशा जाहिर कर दी है. अगरकर ने बीसीसीआई अधिकारियों को फरवरी में ही सूचित कर दिया था कि वे नया चीफ सेलेक्टर ढूंढना शुरू कर दें. बताते चलें कि अगरकर का कार्यकाल 4 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है.

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शुक्रवार को बीसीसीआई की सालाना बैठक हुई थी, जिसमें मेंस सेलेक्शन कमिटी पर बड़ा फैसला लिया जाना था. बैठक के बाद बीसीसीआई सचिव देवजीत का कहना था कि अभी 15 दिन बचे हैं, जो क्रिकेट की दुनिया में बहुत लंबा समय होता है. उन्होंने कहा कि समय आने पर सही फैसला लिया जाएगा.

क्या चाहते हैं अजीत अगरकर?

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक एक बीसीसीआई ऑफिशियल ने बताया कि अजीत अगरकर ने अपने संदेश में बोर्ड के साथ हुई अपनी फरवरी महीने की बैठक का जिक्र किया है, जब उन्होंने बोर्ड को पहली बार बताया था कि उनका कार्यकाल खत्म होने पर BCCI नए चीफ सेलेक्टर के विकल्प तलाशने शुरू कर दे.

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शुक्रवार को हुई BCCI की 95वीं सालाना बैठक में सेलेक्शन कमिटी पर फैसला लेने का अधिकार बोर्ड ने राज्य संघों को सौंप दिया है. बताते चलें कि इस वार्षिक बैठक में सौरव गांगुली और वेंकटेश प्रसाद भी मौजूद रहे, जो क्रमशः बंगाल और कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ का प्रतिनिधित्व करने मीटिंग में पहुंचे थे.

इस पूरे मामले को रोहित शर्मा से भी जोड़ा गया. बताया गया कि इंग्लैंड टूर के समय सेलेक्टर्स ने रोहित शर्मा को 2027 वर्ल्ड कप की योजनाओं में शामिल ना करने के बारे में बता दिया था. मगर रिपोर्ट्स अनुसार चयन समिति के इस फैसले से बीसीसीआई के कुछ टॉप अधिकारी खुश नहीं थे.

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पार्थिव पटेल सबसे आगे

रिपोर्ट्स की मानें तो पूर्व क्रिकेटर पार्थिव पटेल नए चीफ सेलेक्टर बनने की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं. वहीं प्रज्ञान ओझा को भी एक विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है, जो मौजूदा चयन समिति का हिस्सा हैं. अगर इन दोनों में टक्कर होती है तो BCCI का नियम ओझा के आड़े आ सकता है, क्योंकि चयन समिति में सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेलने वाले व्यक्ति को चेयरमैन का पद मिलता है. प्रज्ञान ओझा ने 24 टेस्ट, जबकि पार्थिव पटेल ने 25 टेस्ट मैच खेले.

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