Virat Kohli Best Tour In Test Cricket: विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेकर सभी को चौंका दिया है. क्रिकेट फैंस के लिए ये एक बड़ा झटका है. आज विराट का हर फैन उन्हें टेस्ट क्रिकेट से नम आंखों से विदाई दे रहा है. विराट का ये पसंदीदा फॉर्मेट रहा है और उनके खेल को इस फॉर्मेस ने खूब निखारा है. लेकिन विराट का वो दौरा, जिसने उन्हें किंग कोहली बनाया, कंगारुओं को उन्हीं की जमीन पर हराया और विराट बन गए रेड बॉल क्रिकेट के बादशाह.
विराट कोहली का ऑस्ट्रेलिया दौरा 2014-2015
विराट कोहली ने 14 साल बाद टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान किया है. लेकिन जब विराट अब से 11 साल पहले ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर गए थे, तब उन्होंने कंगारुओं की जो हालत की थी, वो ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाज आज भी नहीं भुले हैं. बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2014-2015 भले ही टीम इंडिया हार गई थी, लेकिन उस दौरे ने विराट कोहली का खौफ विपक्षी टीम के दिलों-दिमाग में डाल दिया था. इस दौरे पर ही विराट को भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम का कप्तान बनाया गया था.
पहला मैच- एडिलेड
बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का पहला मैच एडिलेड में खेला गया. इस मैच में ऑस्ट्रेलिया 48 रनों से जीत गई. लेकिन विराट कोहली ने इस दौरे के पहले ही मैच की दोनों इनिंग में शतक लगाकर ऑस्ट्रेलिया की जमीन पर अपने नाम का परचम लहराया. विराट ने पहली इनिंग में 184 गेंदों में 115 रनों की पारी खेली. वहीं दूसरी इनिंग में कोहली ने 175 गेंदों में 141 रन बनाए.
दूसरा मैच- ब्रिसबेन
ऑस्ट्रेलिया के इस दौरे पर केवल ब्रिसबेन का मैदान ही ऐसा स्टेडियम था, जहां विराट कोहली का बल्ला खामोश रहा था. ये मुकाबला टीम इंडिया 4 विकेट से हार गई थी. इस मैच की पहली पारी में विराट ने 27 गेंदों में 19 रन और दूसरी पारी में 11 गेंदों में केवल 1 रन बनाया था. लेकिन भारत की पूरी टीम ने ऑस्ट्रेलिया को इस मैच में कड़ी टक्कर दी थी. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 408 रन बनाए थे. इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने 505 रन बनाए. दूसरी पारी में भारतीय टीम 224 रन ही बना पाई, जिसके जवाब में 4 विकेट रहते हुए ऑस्ट्रेलिया ने 130 रन बना दिए और मुकाबला जीत लिया.
तीसरा मैच- मेलबर्न
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीसरा मुकाबला मेलबर्न में खेला गया. इसमें ऑस्ट्रेलिया की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 530 रनों का विशाल लक्ष्य भारत के सामने रखा. इसके जवाब में भारत ने 465 रन बनाए. इस पारी में सबसे ज्यादा विराट कोहली के बल्ले से आए. विराट ने 272 गेंदों में 169 रनों की शानदार पारी खेली. दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया ने 9 विकेट गिरने के बाद 318 रनों पर पारी घोषित कर दी. इसके जवाब में टीम इंडिया 6 विकेट के नुकसान पर 174 रन ही बना पाई और ये मुकाबला ड्रॉ हो गया. दूसरी पारी में विराट ने 99 गेंदों में 54 रन बनाए. विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे की जोड़ी ने इस मैच को हार की जगह ड्रॉ में तब्दील किया.
चौथा मैच- सिडनी
भारत-ऑस्ट्रेलिया के इस मुकाबले में भी कंगारुओं की टीम पहले बल्लेबाजी करने आई. पहले बैटिंग करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने 7 विकेट के नुकसान पर 572 रन बनाकर पारी घोषित की. इस मैदान में विराट कोहली का बल्ला फिर गरजा. विराट ने 230 गेंदों में 147 रनों की धमाकेदार पारी खेली. भारतीय टीम की तरफ से विराट इस पारी में भी सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे. टीम इंडिया ने पहली पारी में टोटल 475 रन बनाए.
ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी में 6 विकेट के नुकसान पर 251 रन बनाकर पारी घोषित कर दी. कंगारुओं की टीम चाहती थी कि भारत को जल्दी आउट करके सिडनी का ये मैच जीत लिया जाए, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने ऑस्ट्रेलिया के इन मनसूबों को कामयाब नहीं होने दिया. विराट ने दूसरी पारी में 95 गेंदों में 46 रन की पारी खेली. टीम इंडिया ने टोटल 7 विकेट के नुकसान पर 252 रन बनाए और ये मुकाबला ड्रॉ कर लिया.
विराट बने किंग कोहली
विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया भले ही ये सीरीज हार गई थी, लेकिन इस दौरे के बाद विराट की कप्तानी में भारत ने कोई बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी नहीं हारी. इसके बाद विराट दो और सीरीज में फुल टाइम कैप्टन रहे. विराट ने 2016-17 और 2018-19 में भारत को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जिताई. विराट ने BGT के दौरान ही भारतीय टीम की कप्तानी संभाली थी और अब BGT के बाद ही इस क्रिकेट फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान कर दिया.
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