क्रिकेट के मैदान पर शतक और अर्धशतक जहां खिलाड़ियों की शोभा बढ़ाते हैं, वहीं ‘डक’ यानी बिना खाता खोले आउट होना एक ऐसा रिकॉर्ड होता है जिसे कोई बल्लेबाज नहीं बनाना चाहता, लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे भी रहे हैं जो इंटरनेशनल क्रिकेट में बार-बार बिना खाता खोले पवेलियन लौटे गए हैं. इनमें से कई तो गेंदबाज थे, जिन्हें बल्लेबाजी में ज्यादा मौका नहीं मिला, लेकिन कुछ नाम ऐसे भी हैं जो बड़े-बड़े रन बनाते थे, फिर भी डक के मामले में टॉप पर आ गए है.

आइए जानते हैं उन पांच क्रिकेटरों के बारे में जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा बार 'डक' पर आउट हुए हैं.

मुथैया मुरलीधरन - श्रीलंका

क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल गेंदबाजों में शामिल मुरलीधरन का नाम इस लिस्ट में सबसे ऊपर है. मुरलीधरन मुख्य रूप से गेंदबाज हैं और वो अक्सर 10 या 11 नंबर पर बल्लेबाजी करते थे.

कुल डक- 59

टेस्ट- 133 मैचों में 33 डक

वनडे- 350 मैचों में 25 डक

टी20- 12 मैचों में 1 डक 

कर्टनी वॉल्श- वेस्टइंडीज

वेस्टइंडीज के दिग्गज तेज गेंदबाज वॉल्श के नाम टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा डक का रिकॉर्ड हैं. वॉल्श मुख्य रूप से गेंदबाजी करते थे. उन्हें बल्लेबाजी में अक्सर मुश्किलें झेलनी पड़ती थी.

कुल डक- 54

टेस्ट- 132 टेस्ट में 43 डक 

वनडे- 205 मैचों में 11 डक 

सनथ जयसूर्या- श्रीलंका

श्रीलंका के अटैकिंग ओपनर होने के बावजूद जयसूर्या का नाम भी इस लिस्ट में शुमार है.उन्होंने सबसे ज्यादा वनडे फॉर्मेट में डक पर आउट होने का दुर्भाग्यपूर्ण रिकॉर्ड अपने नाम किया है.

कुल डक- 53

टेस्ट- 110 मैच में 15 डक

वनडे- 445 मैच में 34 डक जोकि वनडे में किसी भी खिलाड़ी द्वारा सबसे ज्यादा हैं.

टी20- 31 मैच में 4 डक 

ग्लेन मैकग्रा- ऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मैकग्रा गेंदबाजी में तो घातक रहे लेकिन बल्लेबाजी में डक का शिकार कई बार हुए है. वह अक्सर 11वें नंबर पर बल्लेबाजी करते थे.

कुल डक- 49

टेस्ट- 124 मैचों में 35 डक, टेस्ट में डक के रिकॉर्ड में दूसरे नंबर पर

वनडे- 250 मैचों में 14 डक 

स्टुअर्ट ब्रॉड-  इंग्लैंड

स्टुअर्ट ब्रॉड टेस्ट क्रिकेट में एक अनुभवी गेंदबाज हैं लेकिन बल्लेबाजी में डक पर आउट होने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है.आमतौर पर ब्रॉज 9वें या 10वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं.

कुल डक-  49 

टेस्ट- 167 मैचों में 39 डक 

वनडे- 121 मैचों में 8 डक 

टी20- 56 मैचों में 2 डक 

जहां एक तरफ ये खिलाड़ी अपने गेंदबाजी कौशल के लिए क्रिकेट इतिहास में अमर हो गए हैं, वहीं बल्लेबाजी में इनका संघर्ष 'डक' के रूप में दर्ज हो गया है.