Mohammed Siraj On Joe Root Ramp Shot In Hindi: भारत और इंग्लैंड के बीच राजकोट में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट में टीम इंडिया का पलड़ा भारी हो गया है. हालांकि, तीसरे दिन एक समय खेल बराबरी पर था, लेकिन जो रूट के एक गलत फैसले ने मेहमान टीम की हालत खराब कर दी. इसी पर मोहम्मद सिराज ने बड़ा बयान दिया है. 


दरअसल, राजकोट में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट में भारत के 445 रनों के जवाब में एक समय इंग्लैंड ने दो विकेट पर 224 रन बना लिए थे, लेकिन फिर अचानक जो रूट ने ऐसा शॉट खेला, जिसे देख हर कोई हैरान रह गया. हर तरफ रूट के इस शॉट की आलोचना हो रही है. 


तीसरे टेस्ट की पहली पारी में जो रूट जसप्रीत बुमराह के खिलाफ रिवर्स रैंप शॉट खेलने के चक्कर में स्लिप में कैच आउट हुए. रूट के आउट होने के बाद इंग्लैंड की टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई. इंग्लैंड ने सिर्फ 95 रनों के भीतर अंतिम 8 विकेट गंवा दिए. 


रूट लगभग एक घंटा क्रीज पर बिता चुके थे और 18 रन पर खेल रहे थे. हालांकि, वह टीम के दूसरे बल्लेबाजों की तरह तेजी से रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे. उन्होंने अपना स्ट्राइक रेट बढ़ाने के लिए बुमराह के खिलाफ स्लिप के ऊपर से 'रिवर्स रैंप' शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन दूसरी स्लिप में यशस्वी जायसवाल को कैच दे बैठे. टीम के लिए शतक जड़ने वाले बेन डकेट (153) के साथ उनकी साझेदारी टूटने के बाद इंग्लैंड अपने कुल स्कोर में 100 रन भी नहीं जोड़ सका. इंग्लैंड की पहली पारी 319 रन पर सिमटी जिससे भारत ने 126 रन की बढ़त हासिल की. 


मोहम्मद सिराज ने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, "बेन डकेट के साथ जो रूट की साझेदारी बढ़ रही थी. अगर वह थोड़ा और खेलते तो हमारे लिए मुश्किल हो जाती, लेकिन अचानक उन्होंने उस तरह का शॉट खेला जो वह नहीं खेलते हैं. यह हालांकि हमारे लिए फायदेमंद रहा. इसके बाद बेन स्टोक्स और बेन फॉक्स के बीच अच्छी साझेदारी हो रही थी, लेकिन स्टोक्स ने ऐसा आक्रामक शॉट खेला और हम मैच में वापसी करने में सफल रहे."


इस मैच में चार विकेट चटकाने वाले सिराज ने भारत की दूसरी पारी में शतक जड़ने वाले जायसवाल (104 रन पर रिटायर हर्ट) की तारीफ की. उन्होंने कहा, "वह जिस तरह से बल्लेबाजी कर रहा है, उसका आत्मविश्वास काफी ऊंचा है. वह पीछे नहीं देख रहा है. टीम की ओर से उसके लिए यही संदेश है कि जैसा प्रदर्शन कर रहे हैं, वैसा ही जारी रखों."


उन्होंने आगे कहा, "हम मैच को जितना संभव हो उतना आगे ले जाने के बारे में सोच रहे हैं, ताकि हमें (गेंदबाज) भी तरोताजा होने का मौका मिले. हम लंबे स्पैल डाल रहे हैं और फील्डिंग कर रहे हैं. हम जितना तरोताजा रहेंगे दूसरी पारी में उतना अधिक जोर लगा सकेंगे."