इंग्लैंड के वनडे कप में यॉर्कशायर और ग्लैमॉर्गन के बीच खेला गया मुकाबला रोमांच से भरपूर रहा. पहले गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ग्लैमॉर्गन को कम स्कोर पर समेट दिया, लेकिन लक्ष्य का पीछा करते समय यॉर्कशायर की बल्लेबाजी भी दबाव में बिखरती नजर आई. आखिर में फिनले बीन की संयमित पारी ने टीम को दो विकेट से जीत दिला दी.

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गेंदबाजों ने रखी जीत की मजबूत नींव

ग्लैमॉर्गन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 47 ओवर में 186 रन बनाए. टीम की शुरुआत ठीक रही, लेकिन यॉर्कशायर के गेंदबाजों ने लगातार अंतराल पर विकेट निकालकर रन गति पर अंकुश लगाए रखा. नतीजा यह रहा कि ग्लैमॉर्गन की पूरी टीम 200 रन का आंकड़ा भी नहीं छू सकी. गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन ने यॉर्कशायर को मुकाबले में मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया.

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छोटा लक्ष्य भी बना बड़ी चुनौती

187 रन का लक्ष्य देखने में आसान लग रहा था, लेकिन यॉर्कशायर के बल्लेबाज इसका फायदा नहीं उठा सके. टीम की शुरुआत खराब रही और शुरुआती विकेट जल्दी गिर गए. इसके बाद भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना पाए. लगातार विकेट गिरने से मुकाबला आखिरी ओवरों तक पहुंच गया और ग्लैमॉर्गन ने मैच में जोरदार वापसी कर ली.

फिनले बीन ने दिखाई जिम्मेदारी

जब यॉर्कशायर मुश्किल में फंसती दिख रही थी, तब सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए फिनले बीन ने शानदार संयम दिखाया. उन्होंने दबाव के बीच नाबाद 43 रन की अहम पारी खेली और टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया. बीन ने परिस्थिति के अनुसार बल्लेबाजी करते हुए जोखिम भरे शॉट खेलने से परहेज किया और आखिर तक क्रीज पर टिके रहे.

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यॉर्कशायर ने दर्ज की रोमांचक जीत

यॉर्कशायर ने 48.4 ओवर में 8 विकेट खोकर 187 रन का लक्ष्य हासिल किया और दो विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया. इस जीत ने एक बार फिर दिखाया कि क्रिकेट में कोई भी लक्ष्य आसान नहीं होता. यदि शुरुआती बल्लेबाज जल्दी आउट हो जाएं तो छोटे स्कोर का पीछा करना भी मुश्किल बन सकता है. वहीं फिनले बीन की मैच जिताऊ पारी ने साबित कर दिया कि दबाव में धैर्य और समझदारी से खेलना किसी भी टीम की सबसे बड़ी ताकत होती है.

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