कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के दूसरे दिन भारत की सबसे बड़ी उपलब्धि पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने हासिल की, उन्होंने पैरा पावरलिफ्टिंग में कांस्य पदक जीता. पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत के लिए पहला पदक जीतकर झंडू ने इतिहास रच दिया. जीवन में कई संघर्षों को पार कर उनका यहां तक पहुंचना भी एक प्रेरणा है. ये उनका पहला इंटरनेशनल मेडल है.

Continues below advertisement

झंडू कुमार किसान के बेटे हैं. झंडू के जीवन में कई मुश्किलें आईं, वह घर चलाने के लिए कभी सब्जियां भी बेचा करते थे. बाद में उन्होंने ई-रिक्शा भी चलाया. इसके साथ और इसके बाद उन्होंने अपने सपने को टूटने नहीं दिया, वह मेहनत करते रहे और अब इतने बड़े मंच पर पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया.

पैरा पावरलिफ्टर में भारत के लिए पहला मेडल झंडू कुमार ने जीता है. पुरुषों के हैवीवेट वर्ग में झंडू ने कांस्य पदक जीता. उन्होंने 181 और 190 किलोग्राम के सफल लिफ्ट लगाते हुए 130.9 अंक हासिल किए. 196 किलोग्राम का अंतिम प्रयास उनका सफल नहीं हुआ. इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक नाइजीरिया के इदरीस रिलुवान ने जीता. रजत पदक मैथ्यू हार्डिंग ने जीता.

Continues below advertisement

यह भी पढ़ें- वेस्टइंडीज के खिलाड़ी ने पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से किया इनकार, मच गया बवाल; जानें पूरा मामला

अशोक मलिक पदक से चूक गए. पैरा पावरलिफ्टिंग में पुरुषों की लाइटवेट स्पर्धा में 143.8 अंकों के साथ वह चौथे नंबर पर रहे. परमजीत कुमार 7वें नंबर पर रहीं, जिन्होंने 135.6 अंक हासिल किए. कार्तिक बुडिगिना ने पैरा स्विमिंग में पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल S13 स्पर्धा के फाइनल में चौथा स्थान हासिल किया.

यह भी पढ़ें- उत्तराखंड के सबसे बड़े टैक्सपेयर बने ऋषभ पंत, जमा किया इतने करोड़; होश उड़ा देगी रकम