बेंगलुरू: भारतीय बल्लेबाज लोकेश राहुल ने उम्मीद जतायी कि उनका मुख्य ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन भी इस पिच पर नाथन लियोन के प्रदर्शन की बराबरी करने में सफल रहेगा जो पहले दिन से ही खराब होनी शुरू हो गयी.

 

लियोन ने 50 रन देकर आठ विकेट हासिल किये जिससे भारतीय टीम आस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट के पहले ही दिन पहली पारी में महज 189 रन पर सिमट गयी, लेकिन राहुल डटे रहे.

 

राहुल ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा,‘‘हम जानते हैं कि ऐश(अश्विन) शीर्ष स्तरीय गेंदबाज हैं और एक बार वह एक दो विकेट हासिल कर लेगा तो लय में आ जायेगा, तब वह आस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी लाइन अप को तहस नहस कर देगा, हमें इसका पूरा भरोसा है.’’ राहुल ने यह भी कहा कि रविंद्र जडेजा भी उपयोगी साबित हो सकते हैं, अगर वह पिच का इस्तेमाल उतनी ही प्रभावशाली तरीके से करें जैसा लियोन ने किया.

 

उन्होंने कहा,‘‘जडेजा को आज इतनी ज्यादा गेंदबाजी करने को नहीं मिली लेकिन लियोन की तरह वह भी बायें हाथ के बल्लेबाजों को ऑफ स्टंप से बाहर काफी गेंदबाजी कर सकता है. अगर वह ऐसी गेंदबाजी करेगा तो उसे काफी विकेट भी मिलेंगे.’’ राहुल ने कहा कि दरारें शुरू हो गयी हैं और इस विकेट पर बल्लेबाजी करना मुश्किल ही होगा.

 

उन्होंने कहा कि विकेट काफी कुछ उसी तरह का है जैसा कि उन्हें रणजी ट्राफी मैचों में कर्नाटक के लिये खेलने को मिलता था लेकिन घरेलू मैचों के दौरान दरारें इतनी जल्दी नहीं पड़ती. 

 

राहुल ने कहा,‘‘मुझे लगता है कि यह उसी तरह का विकेट है जैसा कि हमें रणजी ट्राफी में मिलता है. शायद दरारें दूसरे या तीसरे दिन के अंत में शुरू होती हैं. लेकिन यहां विकेट काफी सूखा था और दरारें काफी ज्यादा थीं.’’ यह युवा खिलाड़ी 100 रन बनाने से चूक गया. उनके कंधे में थोड़ी परेशानी थी लेकिन उन्होंने कहा कि चिकित्सा के लिये ब्रेक लेने का कोई मतलब नहीं था.

 

उन्होंने कहा,‘‘उस समय चिकित्सीय उपचार से मुझे ज्यादा फायदा नहीं होता. इसलिये मैंने खेलना जारी रखने के बारे में सोचा और कुछ शॉट खेलने की कोशिश की जो मेरे लिये फायदेमंद नहीं रहा.’’