लॉर्ड्स: इंग्लैंड क्रिकेट टीम के टेस्ट कप्तान रहे एलिस्टर कुक का मनना है कि एक खिलाड़ी के तौर पर खेलकर वे खुश हैं. उन्हें कप्तानी छोड़ने का पछतावा नहीं हैं. हालांकि कुक को जब टीम के नए कप्तान जोए रूट या उप-कप्तान बेन स्टोक्स कुछ करने को कहते हैं तो एक पल के लिए वह अचरच पर पड़ जाते हैं, लेकिन जल्द ही उन्हें याद आ जाता है कि वह अब कप्तान नहीं हैं. 

कुक 2012 से 2017 की शुरुआत तक इंग्लैंड के कप्तान रहे. वह अपने कप्तानी छोड़ने के फैसले से खुश हैं. उनका कहना है कि जोए रूट को लॉर्ड्स टेस्ट में कप्तानी करते हुए देखना बेहद अच्छा लगा. साथ ही मैदान में उप-कप्तान स्टोक्स द्वारा फील्डिंग के दौरान उनसे दूसरी जगह जाने को कहना भी कुक को भाया. 

क्रिकइंफो ने कुक के हवाले से लिखा है, "मैं अपने फैसले से खुश हूं. थोड़ा सा मलाल तब हुआ जब रूट कोट पहन कर सीढ़ियों से नीचे टॉस के लिए जा रहे थे तब लगा की मैं यह दोबारा नहीं कर पाऊंगा."

कुक ने कहा, "अचरच तब हुआ जब स्टोक्स ने मेरी फील्डिंग पोजिशन बदली. तब मुझे पता चला की जिंदगी बदल गई है. उन्होंने मुझे जिम्मी (जेम्स एंडरसन) से जगह बदलने को कहा क्योंकि उन्हें लगा कि उस स्थान पर जिम्मी मुझसे बेहतर रहेंगे. इससे सिर्फ मैं ही नहीं जिम्मी भी थोड़े से हैरान थे. यह थोड़ा अजीब सा था."

कुक ने कहा, "यह थोड़ा अलग है, शुरुआत के कुछ दिन. इससे पहले तीन-चार साल जब आप फैसले लेते हो. कप्तान होना काफी अलग होता है."

कुक ने हालांकि कहा कि वह जितना कर सकते थे कर दिया. उन्होंने कहा, "मुझे जो करना था कर दिया. मैंने कप्तानी के लिए अपना सबकुछ दिया और अब मैं उससे आगे आ चुका हूं. अब जोए के पीछे रहने का समय है."