टेस्ट क्रिकेट को इतिहास का सबसे दिलचस्प और ऐतिहासिक फार्मेट माना जाता है. क्रिकेट में आज टी20 का दौर है. कुछ घंटों में मैच खत्म हो जाता है और दर्शकों को तुरंत नतीजा मिल जाता है. लेकिन क्रिकेट इतिहास में एक ऐसा टेस्ट मैच भी हुआ है, जिसकी लंबाई सुनकर आज के फैंस हैरान रह जाते हैं.

Continues below advertisement

साल 1939 में दक्षिण अफ्रीका के डरबन में इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच एक ऐतिहासिक टेस्ट मैच खेला गया था. यह मुकाबला 3 मार्च को शुरू हुआ और 14 मार्च तक चला. यानी कुल 12 दिनों तक मैच जारी रहा. हालांकि इस दौरान दो रेस्ट डे रहे और एक दिन बारिश व खराब मौसम की वजह से खेल नहीं हो सका.

असल में मैदान पर नौ दिन क्रिकेट खेला गया. इन नौ दिनों में खिलाड़ियों ने इतना लंबा खेल खेला कि यह मुकाबला आज भी टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का सबसे लंबा मैच माना जाता है. यही नहीं, इसे क्रिकेट का आखिरी टाइमलेस टेस्ट भी कहा जाता है.

Continues below advertisement

 ये भी पढ़े-Cricket Record: 27 गेंदों में ठोक दिया शतक, 41 बॉल पर 144 रन ती तूफानी पारी; जानिए सबकुछ

इस मुकाबले में कुल 680.7 ओवर फेंके गए थे. उस समय एक ओवर में 8 गेंदें होती थीं. अगर इसे आज के 6 गेंद वाले ओवर के हिसाब से गिना जाए तो यह लगभग 907.5 ओवर बनते हैं. तुलना करें तो मौजूदा समय में एक टेस्ट मैच में करीब 450 ओवर का खेल होता है. यानी उस ऐतिहासिक मुकाबले में आज के टेस्ट मैच से दोगुने से भी ज्यादा गेंदबाजी हुई थी.

मैच के दौरान कुल 5447 गेंदें फेंकी गईं. अगर एक टी20 मैच की 240 वैध गेंदों से तुलना की जाए तो इतनी गेंदों में 22 टी20 मुकाबले पूरे हो सकते थे. इसके बाद भी 167 गेंदें बच जातीं, जो एक टी20 पारी से भी ज्यादा हैं.

रनों की बात करें तो दोनों टीमों ने मिलकर 1981 रन बनाए. दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी में 530 रन और दूसरी पारी में 481 रन बनाए. वहीं इंग्लैंड की पहली पारी 316 रन पर समाप्त हुई. इसके बाद उसे जीत के लिए 696 रन का लक्ष्य मिला. इंग्लैंड ने चौथी पारी में शानदार बल्लेबाजी की और 5 विकेट पर 654 रन तक पहुंच गया. इसके बावजूद मैच का कोई नतीजा नहीं निकल सका. नौवें दिन का खेल खत्म होने पर मुकाबला ड्रॉ घोषित कर दिया गया.

कहा जाता है कि अगर इंग्लैंड की टीम को वापस लौटने के लिए जहाज नहीं पकड़ना होता तो यह मैच अगले दिन भी जारी रह सकता था. यही वजह है कि यह मुकाबला आज भी क्रिकेट इतिहास की सबसे अनोखी और सबसे लंबी टेस्ट लड़ाई के रूप में याद किया जाता है.

जब भी क्रिकेट के सबसे बड़े रिकॉर्ड की चर्चा होती है, डरबन में खेला गया यह मैच जरूर याद किया जाता है. 5447 गेंदें, 1981 रन और 43 घंटे 16 मिनट का खेल. ये आंकड़े आज भी क्रिकेट इतिहास में अपनी अलग पहचान रखते हैं. इसी कारण से ये मुकाबला बेहद यादगार है, और इस रोचक मुकाबले की कहानी आज भी लोग बेहद पसंद करते हैं.  

खिलाड़ियों के बीच जमकर हुई घूंसेबाजी, इस क्रिकेट टीम का कप्तान भी लड़ाई शामिल; मचा बवाल