बिहार विधानसभा चुनाव की काउंटिंग जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक माहौल और रोमांचक होता जा रहा है. इसी बीच एक दिलचस्प तुलना सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है, टीम इंडिया के धाकड़ बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान. कहने को दोनों अलग दुनिया के खिलाड़ी हैं, लेकिन स्ट्राइक रेट के मामले में दोनों ने ही अपने-अपने मैदान पर कमाल दिखाया है.

चिराग पासवान का चुनावी स्ट्राइक रेट

2019 के लोकसभा चुनावों में चिराग पासवान की पार्टी ने 6 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे और सभी पर जीत हासिल की थी. यह 100% स्ट्राइक रेट था, जो किसी भी पार्टी के लिए बेहद दुर्लभ उपलब्धि है. इसी आत्मविश्वास के साथ चिराग इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में उतरे. उनकी पार्टी LJP(R) ने 29 सीटों पर दांव लगाया और शुरुआती रुझानों में 21 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है.

अगर ये परिणाम कायम रहते हैं, तो LJP(R) का स्ट्राइक रेट करीब 75% के आस-पास होगा. जो आज की राजनीति में काबिले-तारीफ आंकड़ा है.

कौन-कौन से कैंडिडेट कितने आगे?

नाथनगर: मिथुन कुमार - 14,811 से ज्यादा वोटों की बढ़त

बलरामपुर: संगीता देवी - 20,365से ज्यादा वोटों की बढ़त

सुगौली: राजेश कुमार उर्फ बबलू गुप्ता - 22, 831 से ज्यादा वोटों की बढ़त

मढ़ौरा सीट पर भोजपुरी अभिनेत्री सीमा सिंह का नामांकन खारिज हो जाने के बाद पार्टी ने निर्दलीय अंकित कुमार का समर्थन किया, जो मुकाबले को दिलचस्प बना रहा है.

पिछली बार बड़ा झटका

2020 के विधानसभा चुनाव में चिराग की पार्टी ने NDA से अलग होकर 135 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ा था, लेकिन नतीजे बेहद निराशाजनक रहे थे. 23 लाख से ज्यादा वोट मिलने के बावजूद LJP केवल एक सीट पर जीत सकी. इसी अनुभव ने चिराग को 2024- 25 चुनाव रणनीतियों में ज्यादा सतर्क और संयमित बना दिया.

NDA बनाम महागठबंधन - कौन कितनी सीटों पर लड़ रहा?

इस बार NDA में कुल 5 पार्टियां शामिल हैं:

बीजेपी - 101 सीट

जेडीयू - 101 सीट

LJP(R) - 29 सीट

RLM - 6 सीट

HAM - 6 सीट

वहीं महागठबंधन में:

RJD - 143 सीट

कांग्रेस - 61 सीट

CPI(ML) - 20 सीट

VIP - 13 सीट

CPI(M) - 4 सीट

CPI - 9 सीट

अभिषेक शर्मा से तुलना क्यों?

क्रिकेट में अभिषेक शर्मा को उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और विस्फोटक स्ट्राइक रेट के लिए जाना जाता है. ठीक वैसे ही राजनीतिक पिच पर चिराग पासवान वोटों के स्ट्राइक रेट के मामले में अपने प्रतिद्वंद्वियों से कहीं आगे चलते नजर आते हैं.