क्या दूसरी शादी करने पर पहले पति की संपत्ति पर भी रहता है महिला का अधिकार? ये है जवाब

हिंदू विवाह अधिनियम के तहत पुरुष हो या महिला दोनों को सिर्फ एक ही शादी का अधिकार है. अगर कोई दूसरी शादी करना चाहता है चाहे पुरुष चाहे महिला तो या तो उसके पहले पति या पत्नी की मौत के बाद वह ऐसा कर सकता है. या फिर तलाक के बाद.
जब किसी पति पत्नी का तलाक होता है. तो महिला को पति की संपत्ति में अधिकार मिलता है. और पति को उसे अली भी देनी होती है. लेकिन अगर कोई महिला तलाक के बाद दूसरी शादी कर लेती है. तब क्या नियम है? क्या तब भी अधिकार मिलेगा.
तो आपको बता दें हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 के तहत अगर महिला का आपने पहले पति से तलाक हो चुका है. और उसने दूसरी शादी कर ली है तो फिर ऐसी स्थिति में उसका पहले पति की संपत्ति पर कोई अधिकार नहीं रहता.
लेकिन अगर किसी महिला के पति की मौत हो जाती है. और महिल पति की मृत्यु के बाद दूसरी शादी करती है. तो फिर ऐसी स्थिति में अपने पहले पति की संपत्ति पर उसका अधिकार रहता है. वह उस पर कानूनी दावा कर सकती है.
अगर किसी महिला की पहली शादी कानून रूप से मान्य नहीं थी. तो भी पहले पति की संपत्ति पर उसका कोई अधिकार नहीं होगा. पहली शादी के समय उसके पति या पत्नी का कोई जीवनसाथी था. तो ऐसे में वह विवाह अवैध माना जाएगा.
और ऐसी स्थिति में भी उस महिला को अपने पहले पति की संपत्ति पर कोई अधिकार नहीं मिलेगा. हालांकि आपको बता दें महिला का पति की पैतृक संपत्ति पर कोई अधिकार नहीं होता है. न ही उस संपत्ति पर जो पति ने खुद कमाई होती है.
हालांकि बेटे को अपने पिता की पैतृक संपत्ति में हिस्सा मिलता है. वहीं पति की मृत्यु हो जाती है. तो फिर जितना हिस्सा पति का प्रॉपर्टी पर था. ससुराल की उतनी प्रॉपर्टी पर हिस्सा पत्नी का भी हो जाता है.