भारत में LPG की मांग बढ़ने के पीछे क्या है मुख्य कारण?

भारत में लगभग हर घर में LPG गैस कनेक्शन है. धीमे-धीमे अब गांवों में भी मिट्टी के चूल्हों की जगह गैस चूल्हों का इस्तेमाल हो रहा है. साल 2021 में दर्ज किए गए आंकड़ो के अनुसार भारत में कुल 280 घरेलू गैस के कनेक्शन हैं. साल दर साल LPG गैस कनेक्शन में बढ़ोतरी हो रही है.
उज्ज्वला योजना के द्वारा गरीब परिवारों को फ्री में रसोई गैस कनेक्शन देने के बाद से घरेलू इस्तोमाल बढ़ा है. पिछले 10 सालों में रसोई गैस उपभोक्ताओं की संख्या 32 करोड़ से ज्यादा हो चुकी है.
पिछले पांच सालों की अगर बात करें तो घरेलू एलपीजी का उत्पादन में 4 फीसदी बढ़ोतरी हुई है. जबकि इसका इस्तेमाल में 22 फीसदी इजाफा हुआ है.
बढ़ती हुई मांग के देखते हुए अब देश में गैस को इंपोर्ट किया जा रहा है. पिछले 5 सालों में एलपीजी के इंपोर्ट में 60 फीसदी बढ़ोतरी हुई है.
भारत में को 95% से अधिक LPG संयुक्त अरब अमीरात, क़तर, सउदी अरब और कुवैत से सप्लाई होती है. इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के आंकड़ो के मुताबिक भारत ने पिछले कुछ सालों में अमेरिका से भी इंपोर्ट किया है.
भारत में 90% एलपीजी का इस्तेमाल घरेलू उपयोग के लिए होता है. इसके अलावा बाकी उपयोग इंड्सट्रियल और काॅमर्सियल उपयोग हुआ है.
देश में कुल एलपीजी के इस्तेमाल का 13 फीसदी उत्तर प्रदेश में इस्तेमाल होता है. इसके अलावा 12 फीसदी महाराष्ट्र में होता है. हिस्सेदारी के मामले में महाराष्ट्र दूसरे नंबर पर है.