आपके RO का फिल्टर खराब तो नहीं हो गया, जान लीजिए बदलने का तरीका?
कई एक्सपर्ट्स के अनुसार आरो सिस्टम में लगे अलग-अलग फिल्टर की उम्र अलग-अलग होती है. सेडिमेंट और कार्बन फिल्टर को आमतौर पर 6 से 12 महीने में बदलना चाहिए. वहीं प्री फिल्टर को हर तीन से चार महीने में साफ करना चाहिए. अगर आप प्री फिल्टर को साफ करने की जगह इसे बदलते हैं तो यह और ज्यादा बेहतर माना जाता है.
आरो मेम्ब्रेन की लाइफ आमतौर पर 2 से 3 साल तक की होती है. हालांकि यह पानी की क्वालिटी और टीडीएस लेवल पर निर्भर करता है. अगर आपके इलाके का पानी ज्यादा हार्ड या गंदा है, तो फिल्टर जल्दी भी खराब हो सकते हैं.
अगर आपका आप फिल्टर खराब हो जाता है तो आरो के काम करने की कंडीशन से पता चल जाता है. दरअसल आरो के पानी का स्वाद कड़वा, धातु जैसा या अजीब लगने लगे तो समझ जाए कि आरो फिल्टर खराब हो चुका है. इसके अलावा पानी से बदबू या मिट्टी जैसी गंद आए, टैंक भरने में पहले से ज्यादा समय लगे, मशीन से आवाज बढ़ जाए या पानी का फ्लो धीमा हो जाए तो समझ जाए कि आरो का फिल्टर खराब हो गया है.
इसके अलावा आरो के फिल्टर जांच करने के लिए पानी के शुद्धता की जांच भी की जा सकती है. पानी की शुद्धता की जांच के लिए टीडीएस लेवल देखना जरूरी है. इसके लिए पीने के पानी का टीडीएस 50 से 150mg/L के बीच होना चाहिए.
वहीं अगर यह 250 mg/L से ऊपर पहुंच रहा है तो आरो मेम्ब्रेन खराब होने की आशंका होती है. मेम्बेन ही वह हिस्सा होता है जो पानी से हानिकारक तत्व जैसे आर्सेनिक और फ्लोराइड को हटाता है.
आरो का फिल्टर बदलने के लिए आप टेक्नीशियन की मदद ले सकते हैं. वहीं अगर आप खुद ही आरो का फिल्टर बदलते हैं तो इसके लिए सबसे पहले पानी की सप्लाई को बंद करें.
इसके बाद मशीन का प्रेशर निकालने के लिए नल खोलें. वहीं पुराने फिल्टर को निकाल कर नया फिल्टर लगाए. सभी कनेक्शन सही से कसें और फिर कुछ समय तक पानी फ्लश करें.