एक बार एग्रीमेंट होने के बाद क्या फ्लैट बेचने से मुकर सकता है मकान मालिक? जान लीजिए नियम

प्रॉपर्टी में निवेश करना आज के समय निवेश का एक बेहद अच्छा जरिया बन चुका है. इसलिए बहुत से लोग प्रॉपर्टी खरीदते हैं. और फिर बाद में उसे अच्छे दाम पर मुनाफा कमा कर बेच देते हैं. लेकिन कोई रहने के हिसाब से प्रॉपर्टी खरीदता है.
अपने बजट के हिसाब से लोकेशन देखता है. और फिर प्रॉपर्टी सेलेक्ट करके आगे की डील करता है. फिर प्रॉपर्टी खरीदने की पूरी कार्रवाई की जाती है. जिसमें एग्रीमेंट साइन किया जाता है. और प्रॉपर्टी की सारे डील होने के बाद प्रॉपर्टी उसकी हो जाती है.
लेकिन कई बार लोग घर या फ्लैट खरीदते वक्त डील बीच में ही छोड़ देते हैं. हालांकि यह बहुत ही शुरुआती समय पर होता है. जो प्रॉपर्टी खरीदने को या बेचने को लेकर बात चल रही होती है. लेकिन अगर कोई फ्लैट का एग्रीमेंट बनवा कर भेजने से मना करे तो फिर?
तो ऐसे में क्या होगा? क्या फ्लैट का कोई मालिक एग्रीमेंट बनवाने के बाद फ्लैट बेचने से मुकर सकता है. अगर आप भी है मकान मालिक या फिर फ्लैट खरीदने की सोच रहे हैं. तो जान लीजिए इसे लेकर क्या है नियम. ऐसा किया जा सके ता है या नहीं.
आपको बता दें जब कोई फ्लैट खरीद रहा होता है. तो उसमें सिर्फ उसके इमोशंस ही नहीं जुड़े होते बल्कि फाइनेंश भी जुड़े होते हैं. कोई कैसे पैसे इकट्ठे करके फ्लैट खरीदता है. अगर ऐसे में कोई मना कर दे तो फिर नुकसान होना लाजमी है
इसलिए आपको बता दें कोई भी मकान मालिक ऐसा नहीं कर सकता. ऐसा करने पर भारतीय नई संहिता यानी बीएनएस धारा 316 क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट यानी अपराधिक विश्वासघात के तहत केस दर्ज हो सकता है जिसमें 3 साल की जेल और जुर्माना दोनों का प्रावधान है.
तो वहीं इसके अलावा बीएनएस धारा 316(5) के तहत किसी व्यक्ति को धोखा देकर यहां से गुमराह करके उसके साथ धोखाधड़ी करने के तहत मुकदमा चल सकता है जिसमें 7 साल की जेल और जुर्माना दोनों शामिल है. हालांकि कोर्ट केस की स्थिति और गंभीरता को देखकर सजा या मुआवजे को लेकर फैसला सुना सकती है.