EPFO 3.0 पर कितने दिन में क्लेम होगा सेटल, जान लीजिए आसान तरीका?
ईपीएफओ 3.0 का सबसे बड़ा फायदा क्लेम सेटलमेंट के समय में कमी को लेकर बताया जा रहा है. नई व्यवस्था में अगर आपका क्लेम सभी जरूरी जांच और वेरिफिकेशन पास कर लेता है तो उसे बिना मैनुअल हस्तक्षेप के ऑटोमेटिक तरीके से प्रोसेस किया जाएगा. इससे क्लेम सेटलमेंट का समय घटाकर 3 दिन से भी कम में सेटल हो जाएगा. यानी कर्मचारी को जरूरत के समय पैसा जल्दी मिल सकेगा.
वहीं नए प्लेटफार्म में ऑटोमेटेड सिस्टम पर जोर दिया गया है. इसका मतलब है कि जिन क्लेम्स में कोई गड़बड़ी नहीं होगी, वह सीधे सिस्टम के जरिए ही पास हो जाएंगे. इससे बार-बार फॉलो करने की जरूरत कम होगी और प्रक्रिया पारदर्शी भी रहेगी. खासकर इमरजेंसी या रिटायरमेंट जैसे मामलों में यह सुविधा काफी राहत देने वाली होगी.
ईपीएफओ 3.0 को एक यूनिफाइड डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार किया गया है. जहां सभी सदस्य अपनी सभी सेवाएं एक ही जगह पर मैनेज कर सकेंगे. इसमें कागजी प्रक्रिया कम करने, क्लेम ट्रैकिंग आसान बनाने और अकाउंट मैनेजमेंट को सरल बनाने पर फोकस है. साथ ही कोर बैंकिंग सिस्टम जैसी सुविधा जोड़ना की भी योजना है, जिससे पूरा सिस्टम ज्यादा व्यवस्थित हो सके.
सरकार के अनुसार, 1 जनवरी 2025 से सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम लागू किया जा चुका है. इसके जरिए देश भर के 70 लाख से ज्यादा पेंशनभोगियों को एक केंद्रीकृत सिस्टम से पेंशन दी जा रही है. इससे पेमेंट में देरी और गड़बड़ी की संभावना कम हुई है.
जानकारी के अनुसार सीपीपीएस पेंशन का तेजी से पेमेंट सुनिश्चित करता है, जिससे उन देरी और गलतियों में कमी आती है जिनका सामना पेंशनभोगियों को पहले ज्यादातर करना पड़ता था.
ईपीएफओ 3.0 के तहत नौकरी बदलने पर पीएफ ट्रांसफर की प्रक्रिया भी आसान होने वाली है. जिन खातों का केवाईसी पूरा है, उनमें ट्रांसफर काफी हद तक ऑटोमेटिक हो जाएगा. इससे कर्मचारियों को पुराने या नए नियोक्ता के पास बार-बार जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.