New Year 2024: किसी ने 'प्रेग्नेंसी' के नाम पर लूटा तो कोई निकला अरबों का सौदागर, बीते साल सुर्खियों में रहे ये स्कैम

किसी ने 'प्रेग्नेंसी' के नाम पर लूटा तो कोई निकला अरबों का सौदागर, बीते साल सुर्खियों में रहे ये स्कैम
साल 2023 ख़त्म हो चुका है. बीते साल हर क्षेत्र में कुछ न कुछ ऐसा देखने को मिला जो पहले नहीं हुआ था. जहां कुछ लोग अपने अच्छे कामों की वजह से सुर्ख़ियों में रहे. तो वहीं इस साल कुछ ऐसे स्कैम भी हुए जो काफी सुर्ख़ियों में रहे. आइये जानते हैं ऐसे ही पाँच स्कैम्स के बारे में.
2023 के आख़िरी महीने में कांग्रेस के नेता धीरज साहू के यहाँ इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में रेड मारी. जो कि साल की सबसे बड़ी रेड साबित हुई. धीरज साहू के यहाँ इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 351 करोड़ रुपये की बरामदगी की. जो कि अबतक की सबसे बड़ी कैश बरामदगी थी.
इस साल दिल्ली में भी एक घोटाले की गूंज काफ़ी सुनाई दी. इस घोटाले में दिल्ली के सिटिंग उप मुख्यमंत्री मनीष सिषोधिया को गिरफ़्तार भी कर लिया गया. इस घोटाले से दिल्ली सरकार को कुल 144.36 करोड़ का नुक़सान हुआ ऐसा रिपोर्ट में कहा गया.
इस साल एक जो सबसे बड़ा स्कैम कहां जाएगा वह था महादेव बेटिंग एप स्कैम. ED के अनुसार यह स्कैम करीब 5000 करोड रुपये का है. छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरव चंद्राकर ने रवि उप्पल के साथ मिलकर एक बेटिंग एप शुरू की थी जिसका नाम था महादेव एप. 2017 में शुरू हुई इस ऐप ने कोविड के दौरान खूब यूजर्स बटोरे. इस स्कैम का भांडाफोड़ तब हुआ. जब सौरव चंद्राकर ने दुबई में शादी की और जहां उसने बॉलीवुड के कई बड़े सेलेब्रिटीज को बुलाया. इसमें करीब ढाई सौ करोड रुपए खर्च हुए. यहां से ED को इस स्कीम की जानकारी हुई और तभी से इसकी जांच हुई.
साल खत्म होते-होते बिहार से एक बड़े स्कैम की खबर आई. बिहार में महिलाओं को प्रेग्नेंट करके पैसे देने का स्कैन सामने आए. आल इंडिया प्रेग्नेंट जाब (बेबी बर्थ सर्विस) के नाम से चलाई गई इस फर्जी स्कीम के तहत. आरोपी भोले भाले लोगों को फोन पर यह कहते हैं कि जिन महिलाओं के बच्चे नहीं है उन्हें प्रेग्नेंट करना है और उसके बदले में उन्हें पैसे दिए जाएंगे. वह बताते हैं अगर महिलाएं प्रेग्नेंट हो गई तो 13 लाख और नहीं प्रेग्नेंट नहीं हुईं तो 5 लाख रुपए दिए जाएंगे. जो लोग उनके इस फर्जीवाड़े में फंस जाते. सबसे पहले उनसे यह लोग रजिस्ट्रेशन के नाम पर 799 लेते थे. उसके बाद सिक्योरिटी फीस के नाम पर 5000 से लेकर 20000 रूपये की रकम तक ऐंठ लेते थे.
इस साल पुणे से भी एक बड़े स्कैम की खबर आई. पुणे में करीब 200 करोड़ की ठगी के मामले में पिंपरी चिंचवड़ पुलिस की क्राइम ब्रांच यूनिट ने इंटर स्टेट गिरोह को पकड़ा. जिसमें 14 अपराधी शामिल थे. इस गिरोह पर आरोप था कि इस गिरोह के लोगों ने ऑनलाइन टास्क देकर लोगों से लगभग 200 करोड़ रुपये का फ्रॉड किया था. इन आरोपियों ने 95 बैंक खाते खोले थे और 17 अलग जगहों पर वारदातों को अंजाम दिया.