जॉइनिंग पर ही आईफोन दे रही इस देश की कंपनियां! छुट्टियों की तो गिनती करते करते खो जाएगा दिमाग
उसने एक वीडियो में बताया कि स्वीडन में उसे हर साल पूरे 30 दिन की छुट्टी मिलती है. और छुट्टी लेने के लिए किसी से परमिशन लेने की जरूरत नहीं पड़ती, बस बॉस को एक मैसेज भेज दो इतना ही काफी है.
इतना ही नहीं, अगर किसी को नौकरी से निकाला जाता है तो उसे अगले 6 से 9 महीने तक सैलरी मिलती रहती है. और जॉइनिंग के समय कंपनी की तरफ से iPhone जैसे गैजेट भी मिलते हैं.
इस वीडियो के वायरल होने के बाद, भारत और स्वीडन के कार्य-संस्कृति की तुलना पर चर्चा शुरू हो गई. भारत में जहां ओवरटाइम और वर्क स्ट्रेस आम बात है तो वहीं स्वीडन में कर्मचारियों को इन सब से दूर रखा गया है.
स्वीडन में रह रहे इंडियन सॉफ्टवेयर डेवलपर आशुतोष सामल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें उन्होंने बताया कि स्वीडन में कर्मचारियों को हर साल 30 दिन की सवेतन छुट्टी मिलती है.
इसके अलावा जॉइनिंग वाले दिन iPhone के अलावा लैपटॉप भी दिया जाता है. स्वीडन में काम और जीवन के बीच बैलेंस बनाए रखने को प्राथमिकता दी जाती है.
इसके अलावा कर्मचारियों के स्ट्रेस और तनाव को दूर करने के लिए उन्हें मसाज और स्पा के खर्चों के लिए अलग से पैसा दिया जाता है. इसके लिए सालाना कंपनी की ओर से 30000 से 40000 रुपये कंपनी की ओर से दिए जाते हैं.