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दिखती है एक जैसी लेकिन फोन में अलग-अलग क्यों काम करती है USB-C? जानें कारण

हिमांशु तिवारी   |  30 Aug 2026 10:57 AM (IST)
दिखती है एक जैसी लेकिन फोन में अलग-अलग क्यों काम करती है USB-C? जानें कारण

आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन, टैबलेट, लैपटॉप और दूसरे गैजेट्स में USB-C पोर्ट देखने को मिलता है. बाहर से देखने पर USB-C केबल भी लगभग एक जैसी ही नजर आती हैं. ऐसे में अक्सर लगता है कि कोई भी USB-C केबल किसी भी फोन में लगाने पर एक जैसा काम करेगी. लेकिन असलियत इससे काफी अलग होती है. कुछ केबल सिर्फ चार्जिंग करती हैं, कुछ फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करती हैं जबकि कुछ केबल हाई-स्पीड डेटा ट्रांसफर और वीडियो आउटपुट तक देती हैं. आइए जानते हैं कि एक जैसी दिखने वाली USB-C केबल अलग-अलग डिवाइस में अलग तरह से क्यों काम करती हैं.

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आपको बता दें कि USB-C सिर्फ कनेक्टर का नाम होता है लेकिन इसकी स्पीड अलग होती है. अलग-अलग USB-C केबल अलग USB स्टैंडर्ड पर बेस्ड होती हैं. कुछ केबल USB 2.0 स्पीड तक सीमित होती हैं जबकि महंगी और बेहतर केबल USB 3.x या उससे तेज स्पीड को सपोर्ट करती हैं.

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यही कारण है कि एक केबल से बड़ी फाइल ट्रांसफर करने में कुछ सेकंड लग सकते हैं जबकि दूसरी केबल में वही काम काफी ज्यादा समय लेता है. इसलिए केवल USB-C कनेक्टर देखकर केबल की डेटा स्पीड का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता.

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USB-C केबल की एक बड़ी भूमिका चार्जिंग में भी होती है. हर केबल पावर को बैलेंस करने के लिए डिजाइन नहीं किया जाता है. कुछ केबल नॉर्मल चार्जिंग के लिए होती हैं जबकि कुछ ज्यादा पावर और फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती हैं. इसके अलावा फोन का चार्जर और स्मार्टफोन भी ये तय करते हैं कि कितनी पावर इस्तेमाल होगी. यानी सिर्फ फास्ट चार्जर खरीद लेने से हमेशा फास्ट चार्जिंग नहीं मिलेगी. केबल की पावर भी इसके लिए जरूरी होती है.

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USB-C पोर्ट का इस्तेमाल सिर्फ चार्जिंग और डेटा के लिए ही नहीं होता है. कुछ डिवाइस USB-C के जरिए मॉनिटर या टीवी पर वीडियो सिग्नल भेजते हैं. लेकिन हर फोन या टैबलेट का USB-C पोर्ट वीडियो आउटपुट सपोर्ट नहीं करता है. इसी तरह हर USB-C केबल में वीडियो सिग्नल ले जाने की पावर भी नहीं होती है. इसलिए एक ही केबल एक डिवाइस में डिस्प्ले आउटपुट देती है जबकि दूसरे में सिर्फ चार्जिंग या डेटा ट्रांसफर का काम करे.

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USB-C केबल बाहर से नॉर्मल दिखती है लेकिन उसके अंदर की वायरिंग काफी अलग होती है. कुछ केबल में ज्यादा डेटा लेन और बेहतर इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स होते हैं जबकि सस्ती केबल में जरूरी कनेक्शन कम होते हैं. कुछ हाई-पावर USB-C केबल में इलेक्ट्रॉनिक मार्कर यानी E-Marker भी होता है. ये चार्जर और डिवाइस को केबल की पावर के बारे में जानकारी देने में मदद करता है. इसी वजह से अलग-अलग केबल लगाने पर चार्जिंग स्पीड या दूसरे फीचर्स में अंतर देखने को मिलता है.

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