कैसे होती है Phone Tapping? जानें किस तकनीक पर करती है काम

आज के डिजिटल युग में, टेक्नोलॉजी ने संचार के साधनों को बेहद आसान बना दिया है. लेकिन इसके साथ ही, गोपनीयता (Privacy) से जुड़े खतरे भी बढ़ गए हैं. इनमें से एक है Phone Tapping, जो अक्सर सुर्खियों में रहती है. पर क्या आप जानते हैं कि फोन टैपिंग क्या होती है और यह किस तकनीक पर आधारित है? आइए समझते हैं.
फोन टैपिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके तहत किसी व्यक्ति के फोन कॉल्स, मैसेजेस और अन्य संवादों को उसकी जानकारी के बिना रिकॉर्ड या मॉनिटर किया जाता है.
इसका उपयोग आमतौर पर कानूनी एजेंसियां संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने या अपराधियों की जांच के लिए करती हैं. हालांकि, अगर इसे बिना अनुमति के किया जाए, तो यह गैरकानूनी है और व्यक्ति की गोपनीयता का उल्लंघन करती है.
फोन टैपिंग मुख्य रूप से दो प्रकार से की जाती हैं. इसमें हार्डवेयर बेस्ड टैपिंग और सॉफ्टवेयर बेस्ड टैपिंग शामिल हैं. हार्डवेयर टैपिंग में टेलीफोन लाइनों को फिजिकली टैप किया जाता है. इसमें कॉल्स को रिकॉर्ड करने के लिए उपकरण लगाए जाते हैं. यह तकनीक पारंपरिक लैंडलाइन सिस्टम के लिए अधिक उपयोगी होती है.
वहीं, सॉफ्यवेयर बेस्ड टैपिंग आजकल की सबसे प्रचलित तकनीक है. इसमें मोबाइल नेटवर्क या इंटरनेट पर भेजे जा रहे डेटा को इंटरसेप्ट किया जाता है. इसके लिए स्पायवेयर (Spyware) या एडवांस्ड मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाता है.
VoIP Tapping को इंटरनेट कॉल्स (जैसे WhatsApp, Skype) को इंटरसेप्ट करने के लिए. IMSI Catchers एक ऐसा डिवाइस है जो मोबाइल नेटवर्क में मिडिलमैन बनकर काम करता है.
फोन टैपिंग केवल सरकारी एजेंसियों को अनुमति के साथ करने का अधिकार है. इसके लिए संबंधित विभाग को न्यायालय या उच्च अधिकारियों की स्वीकृति लेनी पड़ती है. बिना अनुमति के फोन टैपिंग करना गैरकानूनी है और इसके लिए कठोर सजा का प्रावधान है.
अपने स्मार्टफोन को सुरक्षित रखने के लिए आपको कुछ चीजें फॉलो करनी होंगी. जैसे फोन में मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें. अनजान लिंक और संदिग्ध ऐप्स से बचें. एन्क्रिप्टेड संचार माध्यम (जैसे Signal, Telegram) का इस्तेमाल करें.