बिना रैम बढ़ाए भी रॉकेट-सा दौड़ेगा आपका लैपटॉप, काम आएंगे ये तरीके

अगर लैपटॉप या कंप्यूटर की रैम फुल हो जाए तो यह स्लो होने लगता है. इस पर ध्यान न दिया जाए तो अपने डिवाइस पर आसान काम करने में भी आपको काफी समय लग सकता है और कई मामलों में डिवाइस क्रैश भी हो जाता है. कुछ समय पहले तक 4GB और 8GB रैम को काफी माना जाता था, लेकिन अब ये कम पड़ने लगी है. आज हम आपको बिना रैम बढ़ाए अपने लैपटॉप को फास्ट बनाने के तरीके बताएंगे.
करीब एक साल पहले तक लैपटॉप को फास्ट बनाने के लिए रैम खरीदने की सलाह किफायती थी, लेकिन अब इनके दाम आसमान छूने लगे हैं. स्टोरेज और मेमोरी चिप्स की लागत बढ़ने के कारण स्मार्टफोन और लैपटॉप समेत सारे डिवाइस महंगे हो रहे हैं. ऐसे में रैम खरीदना अब आसान काम नहीं रह गया है. यह आपकी जेब पर काफी बोझ डाल सकता है. इसलिए अब दूसरे तरीके काम आ रहे हैं.
रैम टेंपरेरी स्टोरेज होती है और इसे शॉर्ट-टर्म स्टोरेज भी कहा जाता है. यानी आपका कंप्यूटर इसमें इंस्ट्रक्शन, डेटा, ऐप्स और फाइल्स को टेंपरेरी स्टोर करता है. जब ज्यादा ऐप्स ओपन होने या दूसरी एक्टिविटीज के कारण रैम फुल हो जाती है तो यह स्टोरेज ड्राइव को यूज करना शुरू कर देती है. स्टोरेज ड्राइव की स्पीड स्लो होती है और इस कारण आपका लैपटॉप या कंप्यूटर स्लो काम करने लगता है. किसी ऐप को ओपन करना भी मिनटों का समय ले लेता है.
रैम को फ्री करने के लिए लैपटॉप को रिस्टार्ट करना एक कारगर तरीका है. दरअसल, जैसे ही लैपटॉप बंद होगा, रैम में स्टोर सारी चीजें गायब हो जाएंगी. यानी लैपटॉप यूज करते जिन चीजों के कारण रैम फुल हुई थीं, वे सारी फाइल्स और एक्टिविटीज आदि बंद हो जाएंगी. इसलिए जब आप लैपटॉप को रिस्टार्ट करेंगे तो रैम खाली होती है, जिस कारण आपको स्पीड में सुधार नजर आता है. यह डिवाइस की स्पीड बढ़ाने का सबसे आसान और कारगर तरीका है.
अगर आपके लैपटॉप की स्पीड स्लो हो गई है तो आपको ब्राउजर टैब्स पर भी नजर डालने की जरूरत है. दरअसल, ब्राउजर में ओपन हर टैब रैम इस्तेमाल करती है. ये टैब्स 100MB से लेकर 1GB तक की मेमोरी कंज्यूम करती हैं. ब्राउजर में ओपन किसी भी टैब पर होवर कर आप मेमोरी पता कर सकते हैं. अगर आप स्पीड फास्ट करना चाहते हैं तो जो टैब ज्यादा मेमोरी कंज्यूम कर रही है, उसे बंद कर दें.
कई बार ऐसा होता है कि लैपटॉप पर मल्टीटास्किंग करते समय एक साथ कई ऐप ओपन हो जाती हैं और हम उन्हें बंद करनाभूल जाते हैं. आपने कोई ऐप ओपन की है, लेकिन उसे यूज नहीं कर रहे, तब भी यह मेमोरी को कंज्यूम कर रही होती है. इसलिए आपको जिन ऐप्स की जरूरत नहीं है, उन्हें बंद कर दें. इससे रैम फ्री हो जाएगी और आपको लैपटॉप की स्पीड में सुधार नजर आएगा.
अगर आपका लैपटॉप या कंप्यूटर स्टार्ट होने में काफी समय लगा रहा है तो इसके पीछे स्टार्टअप ऐप्स का हाथ हो सकता है. ये वो ऐप्स होती हैं, जो आपके लैपटॉप के साथ ही ओपन हो जाती हैं. इनके कारण लैपटॉप स्टार्ट होते ही रैम पर लोड बढ़ जाता है, जिससे बाकी प्रोसेसेस स्लो हो जाती हैं. आप इन्हें टास्क मैनेजर के स्टार्टअप टैब सेक्शन में जाकर मैनेज कर सकते हैं.
इसके अलावा लैपटॉप को फास्ट चलाने के लिए उसके विंडोज और दूसरे सॉफ्टवेयर को अपडेट रखें. इससे बग्स भी फिक्स हो जाते हैं और आपको नए फीचर्स भी मिलते हैं. इसलिए समय-समय पर सिस्टम को अपडेट करते रहें. साथ ही अपने सिस्टम को वायरस और मालवेयर से बचाने के लिए अच्छे एंटीवायरस का इस्तेमाल करें.