AC से निकलकर सीधे बारिश में तो नहीं जा रहे? पड़ सकते हैं बीमार

एसी की ठंडी हवा से निकलकर सीधे बारिश में जाना शरीर के लिए असहज हो सकता है. तापमान में अचानक बदलाव से बचें, गीले कपड़े बदलें और शरीर को सामान्य तापमान पर आने दें.
एसी वाले कमरे में तापमान बाहर के मुकाबले काफी कम हो सकता है. ऐसे में वहां से निकलते ही सीधे तेज बारिश या ठंडी हवा के संपर्क में आने के बजाय कुछ मिनट सामान्य तापमान में रहना बेहतर है. इससे शरीर को बाहर के मौसम के अनुसार ढलने का थोड़ा समय मिल जाता है. खासकर जिन लोगों को मौसम बदलने पर जल्दी परेशानी होती है, उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए एसी से निकलते समय बहुत ठंडी हवा और बाहर की गर्म नम हवा के बीच अचानक बदलाव से असहजता महसूस हो सकती है.
बारिश के मौसम में बाहर का तापमान, नमी और हवा लगातार बदलते रहते हैं. वहीं एसी कमरे को ठंडा और सूखा रखता है. जब व्यक्ति अचानक एक वातावरण से दूसरे वातावरण में जाता है, तो शरीर को नए तापमान के अनुसार खुद को ढालना पड़ता है. इससे कुछ लोगों को ठंड लगना, नाक बंद होना या गले में परेशानी जैसी शिकायत महसूस हो सकती है. हालांकि, केवल एसी से निकलकर बारिश में जाना सीधे तौर पर इन्फेक्शन पैदा नहीं करता है.
अगर आप बारिश में पूरी तरह भीग गए हैं, तो घर या ऑफिस पहुंचते ही तेज ऐसी के सामने बैठने से बचें. पहले गीले कपड़े बदलें और शरीर को अच्छी तरह सुखाएं. लंबे समय तक गीले कपड़ों में रहने से शरीर ठंडा महसूस कर सकता है और असहजता बढ़ सकती है. सूखे कपड़े पहनने के बाद सामान्य तापमान वाले कमरे में कुछ देर आराम करना बेहतर माना जाता है.
बारिश के मौसम में कमरे को बहुत ज्यादा ठंडा करने की जरूरत नहीं होती. एसी का तापमान ऐसा रखें जिससे आपको आराम महसूस हो, और बाहर के मौसम से बहुत बड़ा अंतर न बने. बहुत ठंडी हवा में लंबे समय तक बैठने के बाद अचानक गर्म और नम वातावरण में जाने पर शरीर को ज्यादा बदलाव महसूस हो सकता है. इसलिए तापमान को आरामदायक स्तर पर रखना बेहतर होता है.
बारिश के दिनों में तापमान कम होने की वजह से प्यास कम लग सकती है, लेकिन शरीर को पानी की जरूरत बनी रहती है. बाहर से भीगकर आने के बाद सूखे कपड़े पहनें और पानी पिएं. अगर ठंड लग रही हो तो सामान्य तापमान वाला पानी लेना आसान ऑप्शन हो सकता है. साथ ही बारिश के दौरान साफ सफाई का ध्यान रखें और बाहर का अनहाईजीनीक खाना खाने से बचें.
एसी और बारिश के बीच तापमान में बदलाव से होने वाली हर परेशानी को बीमारी मानना सही नहीं है. लेकिन अगर बारिश में भीगने के बाद लगातार बुखार, सांस लेने में परेशानी, तेज कमजोरी या दूसरी गंभीर समस्या हो, तो इसे नजरअंदाज न करें. जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें. सबसे जरूरी बात यह है कि ऐसी से निकलकर बारिश में जाने पर घबराने की जरूरत नहीं, बस शरीर को अचानक तापमान बदलाव से बचाना और गीले कपड़ों में ज्यादा देर न रहना समझदारी है.ि