दिल्ली-NCR बना ChatGPT का गढ़! बाकी राज्यों में कैसे हो रहा इस्तेमाल, जानकर रह जाएंगे हैरान

भारत में ChatGPT का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और अब यह साफ हो चुका है कि कौन से क्षेत्र इस रेस में सबसे आगे हैं. OpenAI की हालिया स्टडी के अनुसार, देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाने की रफ्तार काफी तेज है और भारत अब दुनिया के बड़े AI मार्केट्स में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है. खास बात यह है कि दिल्ली-NCR इस मामले में सबसे आगे निकल चुका है जहां सबसे ज्यादा लोग ChatGPT का इस्तेमाल कर रहे हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में AI से जुड़ा इकोसिस्टम बहुत तेजी से विकसित हो रहा है. कंपनी ने यह भी बताया कि जब फरवरी 2026 में Codex लॉन्च किया गया तो सिर्फ दो हफ्तों के भीतर यूजर्स की संख्या चार गुना तक बढ़ गई. इससे साफ संकेत मिलता है कि भारतीय यूजर्स नई तकनीक को अपनाने में काफी आगे हैं खासकर कोडिंग और डेटा एनालिसिस जैसे कामों में.
दिलचस्प बात यह है कि देश में AI इस्तेमाल करने वाले लगभग आधे लोग सिर्फ टॉप 10 शहरों में रहते हैं. इन शहरों में दिल्ली-NCR सबसे ऊपर है जहां ChatGPT का इस्तेमाल सबसे ज्यादा हो रहा है. हालांकि, अब यह ट्रेंड बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा. छोटे शहरों और अन्य राज्यों में भी लोग इसे अपने रोजमर्रा के कामों में इस्तेमाल करने लगे हैं.
शिक्षा के क्षेत्र में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ता दिख रहा है, खासकर पूर्वी भारत के राज्यों में. उदाहरण के तौर पर, असम में ChatGPT पर आने वाले कुल सवालों में से एक बड़ा हिस्सा पढ़ाई और सीखने से जुड़ा होता है जो राष्ट्रीय औसत से काफी ज्यादा है. इसी तरह ओडिशा, मणिपुर, त्रिपुरा और छत्तीसगढ़ में भी छात्र और युवा AI टूल्स का इस्तेमाल पढ़ाई और जानकारी हासिल करने के लिए कर रहे हैं.
वहीं स्वास्थ्य से जुड़े सवालों में उत्तर भारत और दक्षिण के कुछ राज्य आगे नजर आते हैं. जम्मू-कश्मीर, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश और केरल जैसे इलाकों में लोग ChatGPT से हेल्थ और वेलनेस से जुड़े सवाल ज्यादा पूछ रहे हैं. खासतौर पर जम्मू-कश्मीर में हर दस में से एक सवाल स्वास्थ्य से जुड़ा होता है जो इस क्षेत्र में AI के बढ़ते भरोसे को दिखाता है.
यह साफ है कि भारत में AI का इस्तेमाल सिर्फ टेक एक्सपर्ट्स तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब यह आम लोगों की जिंदगी का हिस्सा बनता जा रहा है.
अलग-अलग राज्यों में इसका इस्तेमाल अलग जरूरतों के अनुसार हो रहा है लेकिन एक बात समान है देश तेजी से डिजिटल और AI-ड्रिवन भविष्य की ओर बढ़ रहा है.