बारिश के मौसम में एसी की देखभाल कैसे करें? जानिए एसी यूज करने के आसान और जरूरी टिप्स

AC Maintenance Tips: मानसून का मौसम जहां गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं एयर कंडीशनर के लिए कई समस्याएं भी पैदा कर देता है. बारिश के दौरान बढ़ी हुई नमी, धूल, गंदगी और मौसम में लगातार बदलाव एसी की कूलिंग क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं. कई बार इन वजह से बिजली की खपत बढ़ जाती है. पानी टपकने की समस्या शुरू हो जाती है और एसी से बदबू आने लगती है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि बारिश के मौसम में एसी की देखभाल आप कैसे कर सकते हैं और इसके जरूरी टिप्स क्या है.
बारिश के मौसम में हवा में नमी काफी बढ़ जाती है. ऐसे में एसी के ड्राई मोड का इस्तेमाल करना फायदेमंद माना जाता है. यह मोड कमरे की एक्स्ट्रा नमी को कम करता है और बिना ज्यादा ठंडक बढ़ाएं वातावरण को आरामदायक बनाए रखता है. ड्राइ मोड का एक फायदा यह भी है कि इसमें कंप्रेसर लगातार नहीं चलता, जिससे बिजली की खपत भी कम होती है.
एसी की बाहरी यूनिट बारिश, धूल, पत्तियों और दूसरे कचरे के सीधे संपर्क में रहते हैं. अगर इसके आसपास गंदगी जमा हो जाए तो एयर फ्लो प्रभावित हो सकता है और कूलिंग क्षमता कम हो सकती है. इसलिए समय-समय पर आउटडोर यूनिट के आसपास की सफाई करते रहना जरूरी है. इससे कीड़े-मकोड़े के घोसले बनने की संभावना कम हो जाती है.
वहीं फिल्टर पर धूल जमा होने से एयर फ्लो बाधित होता है और एसी को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. बारिश के मौसम में नमी और धूल मिलकर फफूंदी और बैक्टीरिया के बढ़ने का कारण भी बन सकते हैं. एक्सपर्ट्स के अनुसार मानसून में हर 2 सप्ताह में एक बार फिल्टर साफ करना सही रहता है. इससे कूलिंग भी बेहतर होती है और कमरे की हवा भी साफ रहती है.
अगर एसी चलाते समय कमरे की खिड़कियां या दरवाजे खुले रहते हैं तो बाहर की नम हवा लगातार अंदर आती रहती है. इससे एसी को कमरे का तापमान बनाए रखने के लिए ज्यादा काम करना पड़ता है. इसका नतीजा यह होता है कि बिजली की खपत बढ़ती है और कूलिंग क्षमता कम हो जाती है, इसलिए एसी चलाते समय कमरे को बंद रखना चाहिए.
कई लोग बारिश के मौसम में भी एसी का तापमान बहुत कम कर देते हैं, हालांकि एक्सपर्ट्स 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान रखने की सलाह देते हैं. यह तापमान आरामदायक भी रहता है और बिजली बचत भी करता है. बहुत कम तापमान रखने से अनावश्यक बिजली खर्च होने के साथ कमरे में एक्स्ट्रा नमी भी बन सकती है.
आजकल के एसी में कूल, ड्राई, फैन और ऑटो जैसे कई मोड़ मौजूद है. मौसम और कमरे की स्थिति के अनुसार सही मोड का चयन करने से इसकी कार्य क्षमता बढ़ जाती है. ज्यादा नमी होने पर ड्राई मोड में ज्यादा गर्मी होने पर कूल मोड उपयोगी रहता है. वहीं ऑटो मोड में एसी खुद ही एनवायरनमेंट के अनुसार सेटिंग बदल सकती है.
सीलिंग फैन ठंडी हवा को पूरे कमरे में समान रूप से फैलने में मदद करता है. इससे एसी पर एक्स्ट्रा दबाव नहीं पड़ता और कम समय में बेहतर कूलिंग मिलती है. फैन के इस्तेमाल से तापमान थोड़ा ज्यादा रखने पर भी आरामदायक माहौल बना रहता है, जिससे बिजली की बचत हो सकती है.