सिर्फ 5 स्मार्ट Android ट्रिक्स जो आपके फोन की बैटरी को घंटों तक जिंदा रख देंगी, चार्जर भूल जाएंगे
Android में मौजूद Adaptive Battery फीचर सबसे आसान और असरदार उपायों में से एक है. यह सिस्टम धीरे-धीरे समझ लेता है कि आप किन ऐप्स का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं और किनका नहीं. कम इस्तेमाल होने वाले ऐप्स की बैकग्राउंड एक्टिविटी अपने आप सीमित कर दी जाती है जिससे बैटरी की बचत होती है. सेटिंग्स में जाकर बैटरी यूसेज जरूर चेक करें क्योंकि कई बार अनावश्यक ऐप्स जरूरत से ज्यादा पावर खींचते रहते हैं. हालांकि, मैसेजिंग, नेविगेशन और बैंकिंग ऐप्स पर ज्यादा रोक लगाने से नोटिफिकेशन देर से आ सकते हैं इसलिए संतुलन जरूरी है.
फोन की डिस्प्ले बैटरी खत्म होने की सबसे बड़ी वजह होती है. 120Hz या उससे ज्यादा रिफ्रेश रेट स्क्रीन को स्मूद बनाता है लेकिन इससे बैटरी तेजी से गिरती है. अगर आपके फोन में एडैप्टिव रिफ्रेश रेट का विकल्प है तो उसे ऑन रखना बेहतर रहता है क्योंकि यह जरूरत के हिसाब से खुद को एडजस्ट कर लेता है. इसके साथ ही ऑटो ब्राइटनेस और कम स्क्रीन टाइमआउट रखने से भी बैटरी पर पड़ने वाला बोझ कम हो जाता है.
Always-On Display देखने में भले ही हल्का लगे लेकिन यह स्टैंडबाय बैटरी ड्रेन को बढ़ा सकता है. OLED स्क्रीन होने के बावजूद, लगातार लॉक स्क्रीन एक्टिव रहने से बैटरी धीरे-धीरे कम होती रहती है. अगर बैटरी बचाना आपकी प्राथमिकता है तो इसे बंद करके tap-to-wake या raise-to-wake जैसे फीचर्स का इस्तेमाल करना ज्यादा समझदारी है.
लोकेशन सर्विस और वायरलेस फीचर्स चुपचाप बैकग्राउंड में बैटरी खर्च करते रहते हैं. कई ऐप्स को हर समय सटीक लोकेशन की जरूरत नहीं होती फिर भी वे एक्सेस लिए रहते हैं. ऐसे में ऐप परमिशन को “सिर्फ इस्तेमाल के दौरान” तक सीमित करना फायदेमंद होता है. इसी तरह Wi-Fi और Bluetooth स्कैनिंग को जरूरत न होने पर बंद रखने से भी पावर सेव होती है.
Battery Saver मोड लंबे दिन में काफी मददगार साबित हो सकता है. इसे ऑटोमैटिक लेवल पर सेट करने से फोन अचानक बंद होने से बच जाता है. वहीं, नई Android डिवाइसेज में मिलने वाले 80–85% चार्ज लिमिट जैसे फीचर्स बैटरी की सेहत को लंबे समय तक बनाए रखते हैं.
अनयूज़्ड ऐप्स हटाना, बिना जरूरत हॉटस्पॉट न चलाना और हाई ब्राइटनेस के साथ लगातार गेमिंग से बचना जैसी छोटी आदतें भी बैटरी लाइफ पर बड़ा असर डालती हैं. अगर फिर भी बैटरी तेजी से गिर रही है तो संभव है कि बैटरी पुरानी हो चुकी हो. ऐसे में बैटरी हेल्थ चेक कराना ही सबसे बेहतर विकल्प होता है.