दिवाली की झालर खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान, वरना बढ़ जाएगा बिजली बिल

देश में दिवाली की रौनक हर तरफ नजर आने लगी है और त्योहार की तैयारियां जोरों पर हैं. बाजारों में भीड़ बढ़ गई है और लोग अपने घरों को चमकाने में जुटे हैं. दिवाली की सजावट बिना रंग-बिरंगी लाइटों और झालरों के अधूरी लगती है. लेकिन अक्सर हम सस्ते के चक्कर में ऐसी झालरें खरीद लाते हैं जो त्योहार के बाद भारी-भरकम बिजली बिल का झटका दे जाती हैं.
अगर आप चाहते हैं कि आपका घर भी जगमगाए और जेब पर भी असर न पड़े तो हमेशा एलईडी झालर ही खरीदें. बाजार में मिलने वाली पुरानी फिलामेंट और छोटे बल्ब वाली झालरें बहुत ज्यादा बिजली खींचती हैं. इसके मुकाबले एलईडी लाइटें 80 प्रतिशत तक कम बिजली खाती हैं. यह न सिर्फ बिजली बचाती हैं बल्कि इनकी रोशनी भी ज्यादा चमकदार होती है और यह जल्दी गर्म नहीं होतीं.
झालर खरीदते समय उसके पैकेट पर लिखे वॉट को जरूर चेक करें. कई बार दुकानदार कम दाम में लोकल झालर थमा देते हैं. जिनका पावर कंजम्प्शन बहुत ज्यादा होता है. एक अच्छी क्वालिटी की एलईडी झालर आमतौर पर 5 से 10 वॉट के बीच ही बिजली लेती है. अगर आप पूरे घर में 10-12 लड़ियां लगा रहे हैं तो कम वॉट वाली लाइटें आपके बिल को कंट्रोल में रखेंगी.
लोकल मार्केट से बिना ब्रांड वाली सस्ती झालर खरीदने से बचें. हमेशा कोशिश करें कि पैकेट पर BIS या ISI मार्क जरूर हो. लोकल झालरों में घटिया दर्जे के अडेप्टर और सर्किट लगे होते हैं. जो बिजली की खपत को दोगुना कर देते हैं. साथ ही इनमें वोल्टेज फ्लक्चुएशन झेलने की क्षमता नहीं होती जिससे शॉर्ट सर्किट का खतरा भी हमेशा बना रहता है.
सस्ते के चक्कर में लोग लोहे और एल्युमिनियम के तार वाली झालर ले आते हैं. ऐसी तारों में करंट का रेजिस्टेंस ज्यादा होता है जिससे बिजली बेवजह बर्बाद होती है और तार गर्म होकर पिघलने लगते हैं. खरीदते समय तार को मोड़कर देखें अगर वह अच्छी क्वालिटी के कॉपर वायर से बनी है तो लचीली होगी. कॉपर वायर वाली झालर में बिजली का लॉस नहीं होता और बिल कम आता है.
आजकल बाजार में सोलर पावर और ऑटो-सेंसर वाली स्मार्ट झालरों का भी काफी ट्रेंड है. आप बालकनी या छत के लिए सोलर पैनल वाली झालर ले सकते हैं जो दिनभर धूप से चार्ज होकर रातभर फ्री में जलती हैं. इसके अलावा टाइमर वाली स्मार्ट लाइट्स भी एक बढ़िया ऑप्शन हैं जो तय समय पर अपने आप बंद हो जाती हैं और फालतू बिजली खर्च होने से बचाती हैं.
अक्सर हम एक ही साइज की ढेर सारी झालरें खरीद लेते हैं और उन्हें एक के बाद एक जोड़ते जाते हैं. ऐसा करने से लोड बढ़ता है और बिजली ज्यादा खर्च होती है. बेहतर होगा कि आप पहले ही अपने घर की बालकनी या दीवार की लंबाई नाप लें. छोटे-छोटे कई टुकड़ों की जगह एक लंबी और सही साइज की झालर लगाना बिजली की खपत के लिहाज से ज्यादा समझदारी है.
झालर के साथ मिलने वाले प्लग और कंट्रोलर बॉक्स की क्वालिटी को नजरअंदाज न करें. बेहद हल्के और सस्ते प्लास्टिक वाले प्लग सॉकेट में ढीले रहते हैं जिससे स्पार्किंग होती है और बिजली लीक होती रहती है. हमेशा मजबूत टू-पिन प्लग वाली झालर ही चुनें. अगर आप एक्सटेंशन बोर्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं तो वह भी अच्छी कंपनी का होना चाहिए जिससे पावर सप्लाई स्मूद रहे.
थोड़े से पैसे बचाने के चक्कर में खरीदी गई सस्ती झालर एक ही सीजन में खराब हो जाती है और बिजली का बिल अलग से बढ़ाती है. इसलिए इस दिवाली शॉपिंग करते वक्त थोड़ा स्मार्ट बनें और अच्छी क्वालिटी की एनर्जी एफिशिएंट एलईडी लाइट्स ही चुनें. आपकी थोड़ी-सी समझदारी न सिर्फ आपके घर को सुरक्षित रखेगी बल्कि त्योहार के बाद आने वाले बिजली के बिल को भी बढ़ने नहीं देगी.