Generation Beta: 1 जनवरी 2025 से जन्म लेने वाले बच्चे क्यों कहलाएंगे AI युग की पहली पीढ़ी? जानिए

दरअसल, 1 जनवरी 2025 से जन्मे बच्चों को 'जेनरेशन बीटा' कहा जाएगा. ये आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीकी विकास के युग में पले-बढ़ेंगे.
यह जेनरेशन एक ऐसी दुनिया में पलेगी, जहां टेक्नोलॉजी न केवल जीवन का हिस्सा होगी, बल्कि हर पहलू को गहराई से प्रभावित करेगी.
आज से जन्म लिए बच्चों को AI युग की पहली पीढ़ी के तौर पर देखा जा रहा है.
किसी भी जेनरेशन का नाम उसके समय की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और तकनीकी घटनाओं पर निर्भर करता है. इस जेनरेशन की अवधि आमतौर पर 15-20 साल होती है. इसकी शुरुआत और अंत युद्ध, आर्थिक बदलाव या टेक्नोलॉजी में क्रांति से जुड़ी होती है.
साल 2010 से 2024 तक, यह पहली जेनरेशन है जो इंटरनेट और सोशल मीडिया के प्रभाव में जन्मी. इनके माता-पिता ने डिजिटल दुनिया में कदम रखा था.
वहीं, साल 2025-2039 तक जन्में बच्चे, एक ऐसी दुनिया में विकसित होगी जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स और ऑटोमेशन का बोलबाला होगा. ये बच्चे तकनीकी उन्नति के साथ-साथ पर्यावरणीय और सामाजिक बदलावों के भी गवाह बनेंगे.