मोबाइल की कीमतों में होगी कटौती! अब स्मार्टफोन होंगे सस्ते, वजह जानकर खुश हो जाएंगे
सरकार का मानना है कि कच्चे माल पर टैक्स घटने से बैटरी बनाने वाली कंपनियों की लागत कम होगी. जब निर्माण सस्ता होगा, तो उसका असर फाइनल प्रोडक्ट की कीमत पर भी दिखेगा. ऐसे में आने वाले समय में मोबाइल फोन और ईवी पहले से ज्यादा किफायती हो सकते हैं. यह फैसला सिर्फ कंपनियों के लिए नहीं बल्कि उन करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए भी राहत लेकर आ सकता है जो महंगे स्मार्टफोन और इलेक्ट्रिक वाहनों की वजह से अब तक खरीदारी टाल रहे थे.
इस बजट फैसले के पीछे सरकार का एक बड़ा मकसद घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करना भी है. भारत अभी भी बैटरी और उसके कंपोनेंट्स के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है. कस्टम ड्यूटी में राहत देकर सरकार चाहती है कि देश में ही बैटरियों का निर्माण बढ़े जिससे भारत ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर उभर सके. लिथियम-आयन बैटरियां आज मोबाइल फोन से लेकर इलेक्ट्रिक गाड़ियों तक हर जगह इस्तेमाल हो रही हैं ऐसे में यह कदम रणनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जा रहा है.
सरकार को उम्मीद है कि इस फैसले का असर वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान साफ तौर पर देखने को मिलेगा. जैसे-जैसे कंपनियों की लागत घटेगी, बाजार में कंप्टीशन बढ़ेगी और इसका फायदा सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा. आसान शब्दों में कहें तो आने वाले समय में टेक्नोलॉजी सस्ती और ज्यादा सुलभ हो सकती है.
इसके साथ ही सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए भी बजट में बड़ा कदम उठाया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना में तय लक्ष्य से पहले ही दोगुना निवेश आ चुका है. इसी भरोसे को मजबूत करते हुए 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए करीब 40 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
बजट 2026 का यह फैसला सिर्फ इंडस्ट्री के लिए नहीं बल्कि आम उपभोक्ताओं के लिए भी राहत की खबर है. अगर सब कुछ योजना के मुताबिक चला तो आने वाले समय में नया स्मार्टफोन खरीदना आपकी जेब पर पहले से कम भारी पड़ सकता है.