Charging cable tips: चार्जिंग केबल को लपेटने का सबसे सही तरीका कौन-सा, जिससे यह नहीं होगी खराब?

Charging cable tips: आज के समय में स्मार्टफोन हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. वहीं फोन जितना जरूरी है, उतनी ही जरूरी उसकी चार्जिंग केबल भी होती है. हालांकि ज्यादातर लोग इस बात की शिकायत करते हैं कि नई चार्जिंग केबल कुछ ही महीनों में बीच से टूटने लगती है. कभी केबल बीच से कट जाती है तो कभी कनेक्टर के पास से उतरने लगती है. कई बार लोग इसे खराब क्वालिटी मान लेते हैं, लेकिन असल वजह केबल को इस्तेमाल करने और रखने का तरीका होता है.
टेक एक्सपर्ट्स के अनुसार चार्जिंग केबल की लाइफ काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि उसे कैसे इस्तेमाल और स्टोर किया जा रहा है. खासकर केबल को लपेटने का तरीका उसकी उम्र बढ़ाने या काम करने में बड़ी भूमिका निभाता है. अगर केबल को बार-बार टाइट मोड़ा जाता है या गलत तरीके से खींचा जाए तो उसके अंदर मौजूद बारिक तार कमजोर होने लगते हैं और धीरे-धीरे टूट जाते हैं.
चार्जिंग केबल की बनावट में बहुत पतले धातु के तार होते हैं, जिन्हें प्लास्टिक या सिलिकॉन इंसुलेशन से कवर किया जाता है. सबसे ज्यादा दबाव उस हिस्से पर पड़ता है, जहां केबल का कनेक्टर जुड़ा होता है.
जब लोग केबल के कनेक्टर के पास से ज्यादा मोड़ते हैं, फोन चार्जिंग पर लगाकर लगातार इस्तेमाल करते हैं या तार पकड़कर झटके से निकाल देते हैं तो अंदर की शोल्डर जॉइंट्स ढीली पड़ने लगती है. धीरे-धीरे केबल की बाहरी लेयर क्रैक हो जाती है और अंदर के तार दिखाई देने लगते हैं.
गर्मी भी चार्जिंग केबल की सबसे बड़ी दुश्मन मानी जाती है. कार में तेज धूप के बीच केबल छोड़ना, खराब क्वालिटी के एडॉप्टर का इस्तेमाल करना या केबल को लगातार प्लग में लगे रहने देना इसकी लाइफ कम कर सकता है.
एक्सपर्ट्स के अनुसार चार्जिंग केबल को बहुत टाइट मोड कर रखना सबसे बड़ी गलती होती है. इसके अंदर के वायर पर लगातार दबाव पड़ता है.
केबल को सुरक्षित रखने के लिए उसे हल्के हाथों से गोल आकार में लपेटना बेहतर माना जाता है. इसके लिए सबसे पहले केबल के मोटे हिस्से को हाथ में पकड़कर और तार को उंगलियों के चारों ओर तीन से चार बार आराम से घुमाकर ढीला बंडल बना लें.
इसके बाद बची हुई केबल को इस बंडल के चारों ओर हल्के तरीके से लपेट लें. आखिर में छोटे कनेक्टर वाले हिस्से को बने हुए लूप में फंसा दे ताकि केबल खुलकर उलझे नहीं.
इस तरीके से केबल पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता और अंदर के तार सुरक्षित रहते हैं. साथ ही तार उलझते भी नहीं है, जिससे बार-बार खींचने की जरूरत नहीं पड़ती है.