Lumpy Virus: भरतपुर संभाग में कहर बरपा रहा लंपी वायरस, 600 गौवंश की मौत, 21799 पशु अब तक हुए संक्रमित
राजस्थान के भरतपुर संभाग में लंपी वायरस कहर बरपा रहा है. संभाग के भरतपुर और सवाई माधोपुर जिले में लंपी वायरस का कहर ज्यादा है. सवाई माधोपुर जिले में अब तक 10401 के लगभग गोवंश लंपी वायरस से संक्रमित हुआ है तो वही 279 गौवंश की मौत भी हुई है. अगर बात करें डॉक्टरों के इलाज की तो 2978 गौवंश ठीक भी हुआ है . भरतपुर जिले में भी अब तक 7089 गोवंश लंपी वायरस से ग्रसित मिला है और डॉक्टरों के इलाज से अब तक 1432 गोवंश को ठीक किया जा चुका है तो वहीं लगभग 256 गौवंश की मौत भी हुई है.
भरतपुर संभाग के करौली और धौलपुर में भी लंपी वायरस बढ़ रहा है. करौली में अब तक 3023 गौवंश लंपी वायरस से संक्रमित मिला है, जिनमें से 1045 गउवांह इलाज से सही हो गया है तो वहीं 53 गौवंश की मौत हुई है. इसी तरह धौलपुर जिले में अब तक 1286 गौवंश लंपी से संक्रमित मिला है, जिनमें से 73 गौवंश इलाज से सही हुए है और अगर बात करे लंपी से मरने वाले गौवंश की तो धौलपुर में अब तक 17 गौवंश की मौत हुई है. संभाग में लंपी के कहर को देखते हुए पशुपालन विभाग रात दिन मेहनत कर रहा है. राज्य में फैलते लंपी स्किन डिजीज संक्रमण को मद्देनजर रखते हुए जिला प्रशासन एवं जिला पशुपालन विभाग द्वारा गौवंश पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है.
डॉ. नगेन्द्र चौधरी ने बताया की भरतपुर संभाग के चार जिलों में कुल 66 गौशाला है. जिसमें 16 गौशाला भरतपुर में, 12 गौशाला धौलपुर में हैं. 13 गौशाला करौली में है और 23 सवाई माधोपुर में है पर भरतपुर संभाग के लिए राहत की बात यह है कि गौशाला में गौवंश की मौत न के बराबर हुई है. कुल 13 गौवंश की मौत हुई है गोशाला में. राजस्थान में अन्य गोशालाओं में गौवंश की मौत ज्यादा हुई है. इसका मुख्य कारण यह रहा की गौशाला में वैक्सीनेशन का कार्य पहले ही कर दिया गया था पश्चिमी राजस्थान में वायरस के आते ही पूर्वी राजस्थान में वेक्सीन का कार्य शुरू कर दिया गया था और गौशालाओं में वेक्सीन लगा दी थी.
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ नगेंद्र चौधरी ने बताया कि लंपी वायरस से गाय और भैंस दोनों ही संक्रमित हो सकती है. लेकिन इस बार गायों में यह वायरस फैल रहा है यह लंपी स्किन डिजीज पहली बार हमारे क्षेत्र में आई है. इसलिए इसकी कोई भी वैक्सीन नहीं बनी है. लंपी स्किन डिजीज यह बकरियों की बीमारी है इस लिए गोटपॉक्स नाम की वैक्सीन को गायों में लगाई जा रही है.
भरतपुर संभाग में 4 जिले आते हैं भरतपुर, धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर इन चारों जिलों में अब तक 21799 गौवंश संक्रमित हुए है. जिनमें से 605 गौवंश की मौत हुई है. लगभग 5528 गोवंश इलाज से सही हुए है. भरतपुर संभाग के दो जिले ज्यादा इफेक्टिव है. सवाई माधोपुर और भरतपुर जिले में अब लंपी वायरस ज्यादा असर दिखा रहा है. अब प्रतिदिन 25 से 30 गोवंश की मृत्यु हो रही है. सवाई माधोपुर जिले में 30 से 40 गोवंश की प्रतिदिन मौत हो रही है.
इलाज के लिए प्रत्येक जिला मुख्यालय पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसमें 24 घंटे डॉक्टर और कंपाउंडर का स्टाफ रहता है. पंचायत समिति मुख्यालय को नोडल कहते है प्रत्येक नोडल पर भी कंट्रोल रूम है और मोबाइल पार्टी बनाई हुई है. उप निदेशक डॉ. नागेंद्र चौधरी ने बताया की जिस गांव या गौशाला लंपी वायरस का प्रभावित मिल जाता है तो उस क्षेत्र में वेक्सीन नहीं लगाते है. कारण पूछने पर डॉ. चौधरी ने बताया की लंपी वायरस लाइव वायरस है और वैक्सीन जो बनती है लाइव डोज से बनती है. अगर किसी संक्रमित पशु में लगा देते है तो उसकी मृत्युदर में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी. जब किसी गांव में 28 दिन तक कोई भी लंपी वायरस से संक्रमित नहीं मिलता है तब वहां वैक्सीनेशन का कार्य किया जाता है.