Lumpy Virus: पूर्वी राजस्थान में लंपी वायरस ने पकड़ी रफ्तार, एक दिन में 52 गोवंश की मौत
राजस्थान का पूर्वी द्वार भरतपुर जिले में अब लंपी की लपट तेज होती जा रही है. अब गोवंश की मौतों का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है. एक दिन में सबसे ज्यादा 52 गोवंश की मौत हुई है. वहीं जिले में अब तक लगभग 500 गोवंश की मौत हो चुकी है. भरतपुर में लगभग 2 लाख गोवंश है और अभी तक करीब 68000 गोवंश को वैक्सीन लगी है . पशुपालन विभाग के पास 12000 हजार ही वैक्सीन के टीके बचे हैं. पशुपालन विभाग ने 50 हजार वैक्सीन का ऑर्डर दिया है. जिले में अभी लगभग 1 लाख 45 हजार गौवंशों का टीकाकरण होना बाकी है.
भरतपुर जिले में कुल 16 गौशाला हैं. अब तक जिले की 7 गौशाला में लंपी वायरस पहुंच गया है और जिले की 7 गौशाला में लगभग 450 गोवंश लंपी बीमारी से ग्रसित हैं. जिन 7 गोशाला में गोवंश लंपी स्किन डिजीज से ग्रस्त मिला है उन गौशालाओं में लगभग 2500 गोवंश को अलग आइसोलेट किया है. जो भी गोवंश लंपी से ग्रसित गोवंश के साथ रहा है, उन्हें भी अलग से आइसोलेट कर उस पर नजर रखी जा रही है और उनका खाने पीने की अलग से व्यवस्था की गई है.
भरतपुर के पशुपालन विभाग के पास कुल 80 हजार वैक्सीन थी जिनमें से 5 हजार वैक्सीन धौलपुर जिले में भेज दिए हैं और 61 हजार 929 वैक्सीन के टीके भरतपुर जिले के गोवंश को लगा दिए गए हैं. बाकि बचे टीकों को भी जिस गांव में लंपी वायरस से कोई भी पशु संक्रमित नहीं है उस गांव में गोवंश को वैक्सीन लगाई जाएगी.
भरतपुर में होम्योपैथिक का निजी क्लिनिक चलाने वाले डॉ. रविन्द्र सिंह कुंतल ने बताया की लंपी वायरस से संक्रमित गोवंश का इलाज होम्योपैथी पद्धति से करने पर गोवंश जल्दी ठीक हो जाते हैं. उन्होंने बताया की लंपी वायरस पोक्सो वायरस की वजह से फैलता है, जो कि कीड़े, मक्खी मच्छर की वजह से होता है. लंपी वायरस. होम्योपैथिक इलाज से 10 - 15 दिन में गोवंश ठीक हो रहे है.
लंपी वायरस की रफ्तार को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट है ओर अब गोवंशों का आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक पद्धति से इलाज शुरू किया जा रहा है. जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने जिले में फैल रही लंपी स्किन डिजीज के कहर को देखते हुए ग्रामीणों और पशुपालकों को जागरूक करने के लिए जिले के कुम्हेर, नगर, सीकरी की गौशाला पहुंचे और और आवश्यक दिशा निर्देश दिए.