भोपाल में स्कूल के प्रवेश उत्सव में पहुंचे CM मोहन यादव, बच्चों को तिलक लगाकर किया स्वागत
हालांकि स्कूल शुभारंभ का पहला दिन औपचारिकता के नाम ही रहा. भोपाल के सुभाष एक्सीलेंस में जरुर बच्चे नजर आए, शेष आसपास के स्कूलों में बच्चों का अभाव रहा. अभिभावक भी बोले, पहला दिन था इसलिए ले आए, गर्मी ज्यादा होने की वजह से वापस ले जा रहे हैं.
सुभाष एक्सीलेंस स्कूल के प्रवेशोत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमने 369 सीएम राइज स्कूलों को शुरू कर दिया है. मध्य प्रदेश में सरकार 416 पीएम श्री स्कूलों की सुविधा देने जा रही है. सीएम ने कहा कि आज बच्चों का शुभागमन हुआ, कल वो क्या बनकर निकलेंगे, हम केवल कल्पना कर सकते हैं.
सीएम ने कहा कि मोदी जी रेलवे स्टेशन पर चाय बेचते थे. ट्रेन गुजरने के बाद स्कूल जाया करते थे. सबसे बड़ा उदाहरण भगवान कृष्ण का है. उस समय गुरुकुल होते थे, वो 11 साल की उम्र में स्कूल आए. उज्जैन में शिक्षण ग्रहण की.
उन्होंने उस समय जो पढ़ा, ऐसा कोई मेधावी विद्यार्थी नहीं हुआ जो इतने कम समय में इतना शिक्षित हुआ हो. उनकी सारी शिक्षा का निचोड़ महाभारत में पवित्र ग्रंथ गीता में मिलता है.
स्कूल चलें हम अभियान के द्वितीय दिवस समस्त विद्यालयों में शिक्षक अभिभावक बैठक का आयोजन किया जाएगा. इसी दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह जी द्वारा अभिभावकों को संबोधित पत्र का वितरण किया जाएगा.
इन बैठकों में अभिभावकों के साथ शालेय गतिविधियों पर चर्चा, जिसमें प्रमुखत: कक्षावार विषयखंड, शैक्षणिक कैलेण्डर, अध्ययन/अध्यापन प्रक्रिया, अभिभावक/शिक्षक बैठक, सह शैक्षणिक गतिविधियों, शाला में उपलब्ध सुविधाओं आदि की जानकारी प्रदान की जाएगी.
स्कूल चले हम अभियान को जन आंदोलन में परिणत करने की दृष्टि से प्रदेश की समस्त शासकीय शालाओं में जनसमुदाय की सहभागिता में 'भविष्य से भेंट कार्यक्रम' का आयोजन किया जाएगा.
इस दौरान विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध प्रभावशाली, प्रबुद्ध एवं सम्मानित व्यक्ति, स्थानीय विशिष्ट व्यक्ति आदि प्रेरक की भूमिका में विद्यार्थियों से भेंट कर विद्यार्थियों से अपने अनुभवों को साझा करते हुए उन्हें बेहतर भविष्य गढ़ने के लिये प्रेरित करेंगे.