इंदौर में पहली बार वाईडेड स्लैब से बन रहा ब्रिज, 100 साल से अधिक होगी लाइफ, देखें तस्वीरें
इंदौर में फ्लाईओवर को बनाने के लिए स्पेशल टाईप की तीन ऐसी स्लैब का निर्माण किया जा रहा है, जिसे इंजीनियरिंग की भाषा में वाईडेड स्लैब कहा जाता है.
वाईडेड स्लैब के निर्माण से ब्रिज के नीचे एम.आर.-12 की ओर जाने वाले ट्रैफिक को अधिकतम क्लीयरेंस लगभग 1 मीटर हाईट अतिरिक्त मिल सकेगी.
विकास प्राधिकरण के सीईओ आरपी अहिरवार ने बताया कि आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल पहली बार किया जा रहा है. इंदौर में विशेष तरह की तीन स्लैब (इंजीनियरिंग की भाषा में वाईडेड स्लैब) का निर्माण किया जा रहा है.
गौरतलब है कि बनाये जा रहे सभी ब्रिज की लाइफ 100 साल से ज्यादा मानकर डिजाइन की गयी है. खजराना फ्लाईओवर पर 30 जून तक एक हिस्से में ट्रैफिक शुरू किया जा सकता है.
एम.आर.-10 स्थित आईएसबीटी का काम सितम्बर-2024 तक पूरा होने की उम्मीद है. विकास प्राधिकरण आने वाले दिनों में सघन वृक्षारोपण अभियान भी चलाने जा रहा है.
विकास प्राधिकरण लव कुश चौराहे पर बनाए जा रहे फ्लाईओवर का काम 75 प्रतिशत तक पूरा कर चुका है. मेट्रो लाइन के समानांतर बन रहे फ्लाईओवर की दाईं ओर की भुजा 645 मीटर और बाईं ओर की भुजा 700 मीटर लंबी है.
दोनों भुजाओं की चौड़ाई 12 मीटर-12 मीटर के हिसाब से फ्लाईओवर की कुल चौड़ाई 24 मीटर होगी. फ्लाईओवर को इसी वर्ष सितंबर माह तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.