Gujarat Boat Capsized: वडोदरा नाव हादसे में अब तक तीन आरोपी गिरफ्तार, 18 लोगों के खिलाफ दर्ज की गई FIR

(गुजरात नाव हादसा, फाइल फोटो)
पुलिस उपायुक्त पन्ना मोमाया ने बताया कि हरनी लेक जोन के प्रबंधक शांतिलाल सोलंकी और दो नाव संचालकों - नयन गोहिल और अंकित को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. अन्य दोषियों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं.
इस बीच, कुछ परिवारों ने नाव हादसे में मारे गए अपने बच्चों का गुरुवार की देर रात अंतिम संस्कार कर दिया जबकि अन्य का शुक्रवार को किया गया.
बताया जा रहा है कि कोटिया प्रोजेक्ट्स को 2017 में वडोदरा नगर निगम ने हरनी लेक जोन के संचालन और रखरखाव का ठेका दिया गया था. फर्म, उसके मालिकों, प्रबंधकों और नाव संचालकों पर आपराधिक लापरवाही बरतने के आरोप नगर निगम ने लगाए हैं.
नगर निगम की शिकायत के अनुसार, यह भी पता चला कि केवल कुछ छात्रों को जीवन रक्षक जैकेट उपलब्ध कराई गई थी और उन्हें कोई निर्देश नहीं दिए गए थे.
सीएम भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार देर शाम घटनास्थल का दौरा किया और जीवित बचे लोगों और मृतकों के परिजनों से मिलने के लिए जानवी अस्पताल और सरकारी एसएसजी अस्पताल का दौरा किया.
सीएम ने एनडीआरएफ और स्थानीय दमकल विभाग समेत अन्य एजेंसियों के कर्मियों द्वारा किए जा रहे बचाव अभियान की भी निगरानी की.
प्राथमिकी में कहा गया है कि क्षमता से अधिक भार होने के कारण नाव पहले हिलने लगी और फिर पलट गई.