Photos: दिल्ली में भारी बारिश के बीच डूबा सदर बाजार, व्यापारी परेशान
आज सुबह से रुक-रुककर हो रही झमाझम बारिश के कारण पुरा सदर बाजार जलमग्न हो गया. एक और लगातार बारिश के बाद जमा हुए पानी और दूसरी ओर सुरक्षा को लेकर पावर कट से दुकानदारों की दुकानदारी पर बुरा असर पर रहा है. मार्किट एसोसिएशन का सीधा आरोप है की मूलभूत सुविधा मुहैया कराने वाली सिविक एजेंसियों के साथ सरकार भी नहीं दे रही है ध्यान.
17वीं शताब्दी यानी मुगलकालीन बाजारों में से एक ये विश्वविख्यात सदर बाजार आज सुबह से लगातार रुक-रुक कर झमाझम हो रही बारिश के कारण पुरा सदर बाजार जलमग्न हो गया. तस्वीर में आप देख सकते हैं कि किस तरह लोग एक ओर झमाझम बारिश से बचते-बचाते मार्केट में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर लगातार बारिश से मार्केट में 4 फीट तक जमा पानी दुकानदार तक जाने देने के रुकावट पैदा कर रहा है.
अन्य राज्यों से आये दर्जनों ग्राहकों/व्यापारियों ने कहाँ की इस तरह की परेशानी लगातार पिछले कुछ सालों से बढ़ रही है. दिल्ली और भारत सरकार को इस बाजार से काफी बड़े पैमाने पर टैक्स मिलता है पर सुविधा के नाम पर सरकार जीरो सुविधा दे रही है.
जब इस बाबत एबीपी लाइव की टीम ने फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेड्स एसोसिएशन के चेयरमैन परमजीत सिंह पम्मा और अध्यक्ष राकेश यादव से बात की तो उन्होंने बताया आज जब सुबह किसी तरह दुकानदार अपनी -अपनी दुकानें खोलने पहुँचे तो सड़को और गलियों में जमा पानी दुकान में भी जमा हो गया. एक और जमा पानी दूसरा सुरक्षा के मद्देनजर पावर कट से व्यापारियों का व्यापार पूरी तरह से ठप पर गया.
पिछले कई सालों से लगातार मौजूदा सिविक एजेंसियों को मेल के द्वारा, लिखित और मौखिक तौर पर एसोसिएशन अपने मार्किट में हो रही परेशानियों को बताता आ रहा है पर कोई सुनवाई नहीं होती है. बस खानापूर्ति का कार्य कभी-कभार होता रहता है जिससे कहावत है न ऊंट के मुंह में जीरा का फोरण यानी सिर्फ और सिर्फ ऊपरी सफाई करवा दी जाती है. न नाले साफ होते हैं और न ही सीवर की सफाई होती है फिर कैसे इस परेशानी से छुटकारा मिलेगा.
आपको बताते चलें कि आज बारिश के बाद हुए जलजमाव से सदर बाजार स्थित कुतुब रोड, तेलीवाड़ा, क्रॉकरी मार्केट, तोलिया वाली गली, रुई मंडी, गांधी मार्केट के साथ पान मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ. फेडरेशन के आरोप 100 साल पुराना ड्रेनेज सिस्टम पुरी तरह से जर्जर हो चुका है ध्वस्त हो चुका है. सदर बाजार की मुख्य मार्केट जल बोर्ड विभाग के दो हिस्सों में आती है.
एक तो सदर बाजार विधानसभा और दूसरा बल्लीमारान, दोनों जल बोर्ड के अधिकारी एक दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर अपना पीछा छुड़ाते रहते हैं जिससे आए दिन सदर बाजार में जलभराव की समस्या बढ़ती जा रही है इसको लेकर व्यापारियों में काफी रोष है.