Ramdaha Falls: बारिश में बढ़ी रमदहा वाटरफॉल की खूबसूरती, 100 फीट की ऊंचाई से गिर रहा पानी, तस्वीरें देख खुश हो जाएगा मन
Ramdaha Falls: बारिश शुरू होने के बाद जंगलों और जलप्रपातों (वाटरफॉल्स) की खूबसूरती में निखार आने लगा हैं, लोग इस सावन (Sawan 2022) के महीने में खूबसूरत जगहों पर सैर सपाटे से नहीं चूक रहे है. गर्मी में पतझड़ की मार खेल चुके पेड़ों ने फिर से हरियाली की चादर ओढ़ ली है. वहीं झरनों की खूबसूरती भी शबाब पर है. ऐसे में कोरिया जिले के रमदहा जलप्रपात (Ramdaha Falls) की खूबसूरती की चर्चा भी जोरों पर है, बनास नदी पर स्थित ये जलप्रपात इन दिनों काफी मनमोहक लग रहा है. जिसे देखने के लिए हर दिन सैकड़ों लोग यहां पहुंच रहे हैं. देखिए ये तस्वीरें.....
दरअसल, रमदहा जलप्रपात भरतपुर ब्लॉक के भवरकोह गांव के पास बनास नदी पर स्थित है. इस जलप्रपात की जिला मुख्यालय बैकुंठपुर से दूरी लगभग 160 किलोमीटर है. जलप्रपात की ऊंचाई लगभग 100 फीट और चौड़ाई लगभग 50 से 60 फीट है. ये खूबसूरत जलप्रपात चारों तरफ घने जंगल से घिरा है जो इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा देते है.
बारिश शुरू होने के बाद नदी में जलस्तर बढ़ने से जलप्रपात में काफी तेजी से पानी नीचे की ओर गिर रहा है. जिसकी कल कल आवाज लोगों को अपनी ओर खींच रही है.
सोशल मीडिया में प्रचार प्रसार की वजह से रमदहा जलप्रपात की खूबसूरती से हर कोई वाकिफ है. चूंकि जलप्रपात के करीब काफी ज्यादा मात्रा में बड़े बड़े पत्थरों का समूह है. इसलिए बारिश के समय सतर्कता बरतने की जरूरत है, क्योंकि पत्थर काफी फिसलन भरे है. वैसे तो गर्मी के दिनों में पानी कम होने पर लोग झरने के नीचे जाकर नहाने लगते है लेकिन इन दिनों नहाना खतरा बन सकता है.
रामदहा जलप्रपात तक पहुंचने के लिए निजी वाहन का उपयोग करना होगा क्योंकि कोई भी सार्वजनिक गाड़ी वहां तक नहीं जाती है. वहीं जलप्रपात से सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन बैकुंठपुर है जो लगभग 160 किलोमीटर कि दुरी पर है. इसके अलावा जलप्रपात के आसपास कोई दुकान या खाद सामग्री नहीं मिलती इसलिए वहां घूमने जाने के पहले खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी सामान लेकर जाना होता है.