Patna Waterlogging: मॉनसून की बारिश में पानी से भर गया पटना, तस्वीरों में देखें जलजमाव के हालात
पटना में 12 घंटे की बारिश के बाद सोमवार को शहर में भारी जलभराव हो गया, जिससे शहर लगभग थम सा गया. सड़कों से लेकर रेलवे तक, बाढ़ जैसे हालात ने एक बार फिर मानसून की तैयारियों में प्रशासनिक नाकामी को उजागर कर दिया.
डाक बंगला रोड, पटना जंक्शन, बोरिंग रोड, कंकड़बाग कॉलोनी, राजेंद्र नगर और स्टेशन रोड जैसे हाई-प्रोफाइल इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया, जिससे सड़क और रेल संपर्क दोनों ठप हो गए.
भारी बारिश के चलते पटना नगर निगम के दावों की भी पोल खुल गई है. पानी की निकासी न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया है.
मानसून की बाढ़ ने बिहार की कई नदियों का जलस्तर भी बढ़ा दिया है. पटना में दीघा घाट और गांधी घाट, दोनों जगहों पर गंगा नदी खतरे के निशान को पार कर गई है. बाढ़ का पानी दियारा, मनेर, दानापुर, फतुहा, बख्तियारपुर और दनियावां जैसे निचले इलाकों में तेजी से फैल रहा है.
लगातार बारिश के कारण, स्कूल वैन समय पर नहीं पहुंच पाईं और बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाए. सड़कें जलमग्न होने के कारण ऑफिस जाने वाले लोग अपने घरों में ही फंसे रहे. बच्चों और बुजुर्गों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया.
सड़कें छोटी नदियों जैसी लग रही हैं और पैदल चलने वाले लोग खुले नालों और बिजली के झटके लगने के डर से बेहद सावधानी से चल रहे हैं. लोगों का कहना है कि यह प्रकृति का प्रकोप नहीं, बल्कि नगर निगम की लापरवाही है.
पटना शहरी क्षेत्रों में पिछले 24 घंटे में कुल 333.20 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जिसमें पटना सदर क्षेत्र में सर्वाधिक वर्षापात 84.60 मिलीमीटर दर्ज किया गया। पटना कंकड़बाग में 78.40 मिलीमीटर और दानापुर शहरी क्षेत्र में 75.80 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई.