पाकिस्तान और चीन की आएगी शामत! रूस ने भारत को ऑफर किया Tu-160 बमवर्षक विमान, जानें खासियत
भारत लंबे समय से ऐसे लंबी दूरी के बॉम्बर को अपने लड़ाकू विमान के जखीरा में शामिल करने की कोशिश कर रहा है.
रूस के टी यू-160 को बनाने की शुरुआत 1970 में हुई थी और 1980-90 के मध्य में इसे रूस ने अपनी एयरफोर्स में शामिल किया था. तब से लेकर अब तक यह दुनिया का सबसे भारी और बड़ा लड़ाकू विमान है.
रूस का यह लंबी दूरी वाला बॉम्बर विमान 12300 किलोमीटर की उड़ान आसानी से भर सकता है. यानी कि यह चीन के किसी भी शहर में अटैक करके वापस भी आराम से आ सकता है.
रूस का यह विमान सुपरसोनिक स्पीड से उड़ान भर सकता है. यानी की ध्वनि की गति से भी तेज उड़ान, जो 1236 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार होती है. इस विमान में वेरिएबल स्वीप विंग्स भी लगे हुए हैं जो कि अपना एंगल भी तुरंत बदल सकते हैं.
बमवर्षक विमान की सबसे खास बात यह है कि इसमें भारी मात्रा में ईंधन की खपत होती है. IDRW की रिपोर्ट में बताया गया कि इस विमान के एक सामान्य ऑपरेशन में 1 घंटे के दौरान 12000 से 15000 लीटर ईंधन लग जाता है.
इस जहाज के ईंधन, मेंटेनेंस और क्रू को एक साथ जोड़ा जाए तो हर घंटे इस विमान में 19000 से 30000 डॉलर का खर्च होगा. वहीं भारत के पास मौजूद राफेल के ऑपरेशन के दौरान हर घंटे 16000 डॉलर खर्च होते हैं।
रूस के टी यू-160 विमान की एक यूनिट की लागत एक अनुमान के अनुसार 30 करोड़ डॉलर यानी की 25,33,58,44,770 रुपये होगी. इस विमान के साथ-साथ इसमें लगने वाले अन्य डिवाइस और उनकी ट्रेनिंग साथ में सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और मेंटेनेंस भी शामिल है, जिसमें भी कुल 35 करोड़ डॉलर लग सकते हैं