Noida Twin Tower: जियोटेक्सटाइल फाइबर में भी हो गया छेद, ब्लॉस्ट से कितना हुआ नुकसान
नोएडा स्थित सुपरटेक (Noida Supertech) के ट्विन टावर (Twin Tower) को रविवार को गिरा दिया गया. विस्फोट के होते ही कुछ सेकेंड में विशाल इमारत ताश के पत्तों की तरह भरभरा कर गिर गई. इस दौरान आस पास की सोसायटी की बिल्डिंग्स को जियोटेक्सटाइल फाइबर से ढ़का गया था उनमें छेद हो गया.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी. उससे कई सौ मीटर दूर की इमारत पर खड़े लोगों को जमीन के कंपन का भी एहसास हुआ. वहीं पास की ATS सोसायटी की बाउंड्री वाल को भी नुकसान पहुंचा है. आस-पास के पेड़ों में को भी कुछ नुकसान हुआ है. बाकी का डिमोलिशन अभी तक की जानकारी के अनुसार यहां पर सेफ डिमोलिशन हुआ है.
नोएडा अथॉरिटी की सीईओ के अनुसार सबकुछ योजना के मुताबिक ही हुआ है. कोई विस्फोटक अंदर नहीं रह गया हो इसकी जांच की जा रही है. आसपास की सोसाइटी में फिलहाल कोई लार्ड डैमेज नहीं हुआ है बाकी की स्थिति के एक घंटे के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. वहीं इमारत का थोड़ा सा मलबा रोड की तरफ भी आया है.
अवैध रूप से निर्मित इन ट्विन टावर को धराशायी करने के उच्चतम न्यायालय के आदेश के एक साल बाद यह कार्रवाई की गई है. लगभग 100 मीटर ऊंचे टावर को चंद सेकेंड में ध्वस्त कर दिया गया.
दिल्ली की प्रतिष्ठित कुतुब मीनार (73 मीटर) से ऊंचे इन टावर को ‘वाटरफॉल इम्प्लोजन’ तकनीक की मदद से गिराया गया.
ट्विन टावर भारत में अब तक ध्वस्त की गई सबसे ऊंची संरचना है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा के सेक्टर 93ए में सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट हाउसिंग सोसाइटी के भीतर 2009 से ‘एपेक्स’ (32 मंजिल) और ‘सियान’ (29 मंजिल) टावर निर्माणाधीन थे.
इमारत गिराने के लिए 3,700 किलोग्राम से अधिक विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया.