Mosques In India: भारत ऐसा गैर-इस्लामिक मुल्क जहां मस्जिदें सबसे ज्यादा, आंकड़ा हैरान करेगा
दुनियाभर के देशों में मस्जिदों की संख्या के मामले में भारत दूसरे स्थान पर है. भारत अकेला ऐसा गैर-इस्लामिक मुल्क है, जहां 3,00,000 से ज्यादा मस्जिदें हैं. यह देश दुनिया में सबसे ज्यादा मस्जिदों का घर माना जाता रहा है. कई इस्लामी देशों में भी भारत की तुलना में मस्जिदों की संख्या कम है.
2011 की जनगणना के भारत में मुस्लिमों की आबादी 17 करोड़ है, जबकि यहां 96 करोड़ हिंदू हैं. इसी कारण देश मस्जिदों की संख्या के मामले में भारत का नंबर दूसरा है.
भारत में मस्जिदों के बनने का इतिहास मुगलों के शासनकाल से ही जुड़ा है. तब स्थापत्य कला का स्वर्ण-युग माना जाता था. उनके शासनकाल में कई खूबसूरत इमारतों, स्तूपों का निर्माण किया गया. उन्हीं के काल में निर्मित मस्जिदें आज भी स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना मानी जाती हैं. ऐसी ही कुछ मस्जिदें भारत में हैं, जो देखने वालों को हतप्रभ कर देती हैं.
भारत की सबसे पहली मस्जिद चेरामन जुमा मस्जिद है. ये केरल कोडंगलूर तालुक के मेथला गांव में स्थित है.
पुरानी दिल्ली की जामा मस्जिद को भारत की सबसे बड़ी और सबसे पुरानी मस्जिदों में से एक माना जाता है. इस आलीशान मस्जिद को शाहजहां ने बनवाया था. इस मस्जिद का निर्माण 1650 से लेकर 1656 तक हुआ था.
मक्का मस्जिद, हैदराबाद: मुहम्मद कुली कुतुबशाह ने इस मस्जिद को 16 वीं शताब्दी में करवाया था. यह हैदराबाद की सबसे प्रसिद्ध और देश की बड़ी मस्जिदों में गिनी जाती है.
ताज-उल-मस्जिद, भोपाल: यह मस्जिद भोपाल में स्थित है. इसे भी भारत के विशालतम मस्जिदों में गिना जाता है. गुलाबी रंग की इस अनोखी विशाल मस्जिद की दो सफेद गुंबदनुमा मीनारें हैं, जिन्हें मदरसे के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है.
जमाली कमाली मकबरा: ये मस्जिद दिल्ली के महरौली में है. इसका निर्माण हुमायूं के राज के दौरान हुआ था. इसे 1528-29 में बनाया गया था. इस मस्जिद की लोकप्रियता इसके अन्दर दफ्न सूफी संत जमाली और कमाली की कब्र से जुड़ी है.
कुव्वत उल इस्लाम मस्जिद, दिल्ली: दिल्ली की प्रसिद्ध कुतुब मीनार के पास स्थित इस मस्जिद का निर्माण गुलाम वंश के प्रथम शासक कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1199 में शुरु करवाया था. इस मस्जिद को बनने में चार वर्ष का समय लगा. बाद के शासकों ने भी इसका विस्तार किया.