कैसे समंदर में डूबा यात्रियों से भरा क्रूज? हो गया खुलासा
मुंबई में नाव दुर्घटना में अभी तक 15 लोगों की मौत हो गई है. बीएमएस ने जानकारी देते हुए बताया था कि 21 दिंसबर को एक और शव बरामद किया गया था. मृतकों में नेवी के 4 कर्मचारी भी हैं.
दरअसल, गेटवे ऑफ इंडिया से एलिफेंटा द्वीप के लिए निकली फेरी नौसेना की स्पीड बोट से टकरा गई थी. इस वजह वजह से बोट समुद्र में डूब गई थी. दुर्घटनाग्रस्त नाव का नाम नीलकमल है.
इस दुर्घटना का कारण अब सामने आया है. ये दुर्घटना स्टीयरिंग असेंबली और थ्रॉटल क्वाड्रेंट में तकनीकी खराबी के कारण हुई थी, जो नाव की गति को नियंत्रित करता है.
इस घटना में जीवित बचे एक शख्स ने बताया है कि टक्कर होने के समय चालक दल को खराबी के बारे में पता था. ये शख्स उस नाव का निर्माता भी है.
घटना के वीडियो में नाव को नौका से दूर ले जाने का प्रयास किया गया था, लेकिन नौसेना की नाव दुर्घटना से बचने के लिए तेजी से मुड़ने में सफल नहीं हुई थी.
महाराष्ट्र समुद्री बोर्ड (एमएमबी) के रिकॉर्ड के अनुसार, नील कमल को अधिकतम 84 यात्रियों और छह चालक दल के सदस्यों को ले जाने का लाइसेंस दिया गया था। हालांकि, टक्कर के समय नौका पर क्षमता से अधिक लोग सवार थे।
एमएमबी ने तब से नौका का लाइसेंस रद्द कर दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है. भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत कोलाबा पुलिस स्टेशन में नौसेना के जहाज के चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिसमें लापरवाही, सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालना और लापरवाही से नेविगेशन से संबंधित आरोप शामिल हैं.