Bhole Baba Case: 24 साल पहले ही दैवीय शक्तियां होने का दावा करता था सूरज पाल! इस चक्कर में हो गई थी FIR
नारायण सरकार हरि के नाम से भी जाने जाने वाले भोले बाबा का बहादुर नगर गांव में सफेद रंग का आश्रम है, जो ढाई बीघा का है.
अंग्रेजी अखबार 'दि इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक, 'भोले बाबा' को समर्थक 'प्रभु जी' और 'परमात्मा' कहते हैं.
सूरज पाल जब पुलिस की नौकरी किया करता था, तब वह खुद के पास अप्राकृतिक या दैवीय शक्तियां होने का दावा करता था.
पुलिस में सूरज पाल तब हेड कॉन्सटेबल हुआ करता था और उसकी तैनाती तब एसपी (आरए) ऑफिस में हुआ करती थी.
साल 2000 में सूरज पाल ने पुलिस से वीआरएस लिया. उसने इसके बाद एक मृत नाबालिग को जिंदा करने का दावा किया था.
16 साल की बच्ची को जिंदा करने के लिए वह उसकी लाश परिजन से दूर ले गया, जिसके चलते उसे 2000 में जेल जाना पड़ा.
अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट में आगे यह भी बताया गया कि यही इकलौती एफआईआर है, जिसमें सूरज पाल का नाम शामिल है.