'पाकिस्तान ने चूड़ियां नहीं पहनीं', कब-कब भारत के दुश्मन के हिमायती बने फारूक अब्दुल्ला'
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला जम्मू कश्मीर और पीओके को लेकर कई बार पहले भी बयान दे चुके हैं. इसको लेकर काफी विवाद भी हुआ है.
न्यूज 18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक फारूक अब्दुल्ला ने पिछले साल दिसंबर में कहा था कि भारत और पाकिस्तान बातचीत के जरिए मुद्दे हल नहीं करते तो कश्मीर का भी गाजा और फिलिस्तीन जैसा हाल होगा.
फारूक अब्दुल्ला ने 2 दिसंबर 2018 में भी पीओके को लेकर विवादित बयान दिया था. इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा था कि जम्मू कश्मीर भारत का और पीओके पाकिस्तान का है.
फारूक अब्दुल्ला ने 2018 में भी पीओके को लेकर टिप्पणी की थी. द इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने 15 जनवरी 2018 को कहा था कि हम कब तक कहते रहेंगे कि पीओके हमारा है. पीओके पाकिस्तान का है और जम्मू कश्मीर भारत का है. 70 साल से ज्यादा हो गए, लेकिन पीओके नहीं मिला.
दरअसल, हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत पीओके पर अपना दावा कभी नहीं छोड़ेगा, लेकिन इसपर बलपूर्वक कब्जा करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी क्योंकि इसके लोग कश्मीर में विकास को देखने के बाद स्वयं इसका (भारत का) हिस्सा बनना चाहेंगे.
भारत ने पांच अगस्त, 2019 को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर इसे राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया है.