ज्यादा दिन रखने पर हरा या नीला क्यों हो जाता है लहसुन, क्या इसे खाना सेफ है?
लहसुन का रंग बदलना एक प्राकृतिक रासायनिक प्रक्रिया के कारण होता है. इसमें मौजूद सल्फर यौगिक (sulfur compounds) और एंजाइम्स जब आपस में प्रतिक्रिया करते हैं, तो फिर पिगमेंट बनते हैं, जो हरे या नीले रंग के दिखाई देते हैं. यह प्रक्रिया खासकर तब तेज हो जाती है जब लहसुन को काटकर या छीलकर रखा जाता है .
साथ ही आपको बता दें कि ठंडे तापमान में भी लहसुन का रंग बदलना भी एक बड़ी वजह हो सकता है. अगर आप लहसुन को फ्रिज में रखते हैं, तो उसमें मौजूद एंजाइम्स ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं, जिससे उसका रंग जल्दी बदल सकता है. इसके अलावा नमी (moisture) और लंबे समय तक स्टोर करने से भी इसका रंग बदल जाता है.
अब सवाल आता है कि क्या ऐसा लहसुन खाना सुरक्षित है? तो यह आसान है, ज्यादातर मामलों में इसका जवाब हां है. रंग बदलने के बावजूद लहसुन आमतौर पर खाने के लिए सुरक्षित रहता है, क्योंकि यह जहरीला नहीं होती है, बल्कि सिर्फ केमिकल रिएक्शन का परिणाम होता है.
हालांकि, अगर दूसरी तरफ लहसुन से अजीब सी बदबू आने लगे, उसमें फंगस दिखने लगे या वह बहुत ज्यादा नरम और सड़ जाए, तो उसे इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. ऐसे लहसुन को खाना सेहत के लिए खराब हो सकता है.
ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि लहसुन जल्दी खराब न हो, तो इसे ठंडी और सूखी जगह पर रखें, लेकिन फ्रिज में रखने से बचे. साथ ही इसे छीलकर लंबे समय तक स्टोर करके ना रखें इसके बजाय जरूरत के अनुसार ही इस्तेमाल करें, ताकि इसकी ताजगी बनी रहे.