पारसी धर्म को लेकर 5 रोचक तथ्य
विश्व के सबसे प्राचीन और प्रभावशाली धर्मों में पारसी धर्म भी शामिल है, जिसका 7वीं शताब्दी से लेकर आज तक पालन किया जा रहा है. पारसी धर्म जिसे जरथुस्त्र धर्म भी कहा जाता है. जिसकी स्थापना संत जरथुष्ट्र ने की थी.
आपको जानकर हैरानी होगी कि पारसी धर्म दुनिया का पहला एकेश्वरवादी धर्म है. संभावना है कि एक ईश्वर में आस्था रखने की शुरुआत इसी धर्म से हुई थी.
कभी पारसी धर्म दुनिया के सबसे बड़े धर्मों में से एक था. आज एक अनुमानित आंकड़े के मुताबिक पूरी दुनिया में 1 लाख से भी कम पारसी है.
पारसी धर्म की अनेक धर्म ग्रंथों को सिकंदर महान ने नष्ट कर दिया था. अहुरा मज़्दा की 21 शिक्षा किताबों को फारसी साम्राज्य पर सिकंदर द्वारा आक्रमण करके कथित रूप से नष्ट कर दिया गया.
पारसी धर्म में कुत्तों का महत्व काफी अधिक होता है. पारसी लोगों का मानना है कि कुत्तों की अच्छी तरह से देखभाल करना चाहिए. ये भी माना जाता है कि मरने के बाद ये आत्मा को निर्देशित करते हैं.
पारसी लोगों के लिए आग ईश्वरीय ताकत का प्रतीक होती है. कुछ पारसी मंदिरों में आज भी अग्नि सालों से जलती आ रही है. ईरान के यज़्द में पारसी मंदिर में आग लगभग 5वीं शताब्दी से लगातर जल रही है.