बांके बिहारी समेत भारत के इन मंदिर में VIP दर्शन बंद! भीड़ और भ्रष्टाचार को लेकर लिया फैसला!
भारत को मंदिरों का देश भी कहा जाता है. इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार भारत में 20 लाख से ज्यादा मंदिर हैं. भारत के तमाम बड़े मंदिरों में वीआईपी दर्शन होते हैं, जो कहीं न कहीं मंदिरों की आय का एक जरिया भी है. वही कुछ मंदिरों ने वीआईपी दर्शन व्यवस्था को बंद कर दिया है.
उत्तर प्रदेश के बांके बिहारी मंदिर में अब VIP दर्शन व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है. आम और खास सभी श्रद्धालु एक ही लाइन में लगकर बांके बिहारी के दर्शन करेंगे. मंदिर समिति ने वीआईपी गैलरी को हटाने पर भी सहमति जताई है.
बांके बिहारी मंदिर में एंट्री-एग्जिट रुल में भी बदलाव हुए हैं. अब मंदिर में प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग रास्ते निर्धारित किए गए हैं. वही भक्तों की सहुलियत के लिए बांके बिहारी जी के दर्शन को लाइव स्ट्रीम भी किया जाएगा.
उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में भीड़ नियंत्रण करने के साथ दर्शन में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए वीआईपी दर्शन को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है. यहां सभी के लिए दर्शन के एक समान ही नियम हैं.
उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में भी महाशिवरात्रि और अन्य धार्मिक अनुष्ठान और उत्सव के मौके पर वीआईपी दर्शन को पूरी तरह से बंद कर दिया जाता है.
महाराष्ट्र छत्रपति संभाजीनगर, तुलजा भवानी मंदिर में भी वीआईपी दर्शन पास को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है. दरअसल मंदिर प्रशासन को वीआईपी पास वितरण मामले में भ्रष्टाचार की शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद वीआईपी व्यवस्था को बंद कर दिया गया.
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा स्थित कनका दुर्गा मंदिर में भक्तों को सुगम दर्शन कराने और भारी श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष दिनों में वीआईपी व्यवस्था को बंद कर दिया जाता है.
आंध्र प्रदेश का तिरुमाला (तिरुपति मंदिर) जहां भक्त दुनिया भर से भगवान तिरुपति के दर्शन करने के लिए आते हैं. तिरुपति मंदिर में भी विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के मौके पर वीआईपी दर्शन बंद कर दिए जाते हैं.