Vat Savitri Vrat 2023: वट सावित्री की पूजा में रखें इन बातों का ध्यान, मिलेगा पूजा का पूर्ण फल और दीर्घायु होगा सुहाग
वट सावित्री व्रत सुहाग की लंबी आयु के लिए रखा जाता है. इस दिन महिलाएं 16 श्रृंगार करती है. इसलिए इस दिन भूलकर भी काले, नीले या सफेद रंग के कपड़े पहनकर पूजा न करें.
कपड़े के साथ ही सावित्री व्रत के दिन सुहागिन महिलाओं को काले या सफेद रंग की चूड़ियां भी नहीं पहननी चाहिए. इस दिन रंग-बिरंगी चूड़ियां पहनकर सोलाह श्रृंगार करें.
वट सावित्री व्रत की पूजा बरगद या वट वृक्ष में की जाती है. इसलिए इस दिन वट वृक्ष की टहनियों को न तोड़ें न ही वृभ को कोई नुकसान पहुंचाएं. ऐसा करने से जीवन में परेशानियां आ सकती है. साथ ही पूजा में वृक्ष की उल्टी परिक्रमा भी न करें.
वट सावित्री की पूजा में सावित्री व्रत की कथा पढ़ना या सुनना जरूरी होता है. इसके बिना पूजा पूरी नहीं मानी जाती है. लेकिन किसी भी कारण से कथा अधूरी न छोड़े और न ही कथा के बीच-बीच में उठें.
गर्भवती महिलाएं वट सावित्री का व्रत रख सकती हैं. लेकिन वट वृक्ष की परिक्रमा न करें.
वट सावित्री की पूजा में घी का दीपक जला रही हैं तो उसे दाईं ओर रखें. वहीं तेल का दीपक जला रही हैं तो उसे बाईं ओर रखना चाहिए.
वट सावित्री की पूजा के लिए इसकी सामग्रियों को हमेशा बाईं तरफ रखना चाहिए. इसे शुभ माना जाता है.